मण्डी में ई अनुज्ञा के नाम पर मची है लूट!

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। स्थानीय कृषि उपज मण्डी में ई अनुज्ञा के नाम पर भी लूट का सिलसिला जारी है। व्यापारियों को ई अनुज्ञा के बाद भी हर कदम पर रिश्वत देने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

मण्डी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि व्यापारियों के द्वारा ई अनुज्ञा को मण्डी के रजिस्टर में दर्ज कराने के लिये रिश्वत देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अगर व्यापारी पैसे देने में आनाकानी करता है तो उसे घण्टों इंतजार करवाया जाता है। सूत्रों का कहना था कि इस अनुज्ञा को वेरीफाई करवाने के नाम पर चाय पानी के पैसों की माँग कर्मचारियों के द्वारा की जाती है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि काम जल्दी करवाने के चक्कर में व्यापारियों के द्वारा अगर अनुज्ञा स्वयं ही बना ली जाती है तो उस अनुज्ञा पर मुहर (सील) लगवाने के लिये चढ़ौत्तरी की माँग की जाती है। अगर व्यापारी चढ़ौत्तरी देने में आनकानी करता है तो उसकी अनुज्ञा को समय पर नहीं चढ़ाया जाता है।

सूत्रों ने बताया कि मण्डी में कुछ व्यापारियों का कब्जा आज भी बरकरार है, जिसके चलते किसानों को अपनी फसल बेचते समय वाजिब दाम नहीं मिल पाते हैं। इतना ही नहीं, किसानों के हित संवर्धन के लिये बनायी गयी मण्डियों में किसानों के हित की बजाय व्यापारियों के हितों का ज्यादा ध्यान रखा जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों इन्ही सब बातों को लेकर मण्डी में जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद भी मण्डी प्रशासन के द्वारा किसानों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिये किसी तरह की कवायद न किया जाना आश्चर्य जनक ही है।