खरीददारों से ज्यादा वाहनों की रेलमपेल से लोग परेशान!

 

इस स्तंभ के माध्यम से मैं यातायात विभाग और नगर पालिका का ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ कि इन दिनों दीपोत्सव आरंभ हो चुका है जिसके कारण सिवनी शहर के प्रमुख क्षेत्रों में अव्यवस्था का आलम पसरा हुआ है।

बुधवारी बाज़ार में लोगों की भीड़ देखते ही बन रही है लेकिन लोग परेशान भी हो रहे हैं। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोग सड़कों पर ही अपने वाहन खड़ा करके, खरीददारी करने के लिये मजबूर हो रहे हैं। सड़कों पर खड़े वाहनों के कारण यातायात जमकर बाधित हो रहा है। पैदल राहगीर भी इससे परेशान हुए बिना नहीं हैं।

ज्यादा नहीं, बल्कि कोतवाली के सामने, फुटपाथ पर स्थित दुकानों के सामने जी.एन. रोड पर दोपहर से लेकर रात तक, वाहन खड़े रहे। इस दौरान नगर पालिका के सामने स्थित चौराहे पर पुलिस मुस्तैद अवश्य दिखी लेकिन यहाँ तैनात पुलिस कर्मियों के द्वारा सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों को व्यवस्थित नहीं करवाया जा सक रहा था।

संभवतः पुलिसकर्मी भी यह जानते रहे होंगे कि वाहन स्वामियों के पास सड़क पर अपना वाहन खड़ा करने के अलावा और कोई विकल्प ही नहीं था जिसके कारण उन पुलिस कर्मियों के द्वारा बेतरतीब खड़े वाहनों पर कार्यवाही नहीं की गयी। इसके चलते लोग भी बेखौफ होकर अपनी खरीददारी में व्यस्त रहे और वे स्वयं भी वाहनों की इस रेलमपेल से परेशान होते ही दिखे। दीपोत्सव अभी आरंभ ही हुआ है इसलिये पार्किंग की समस्या से निपटने के लिये गंभीर प्रयास किये जाने की महती आवश्यकता है।

यातायात विभाग और नगर पालिका के मध्य यदि पर्व के पूर्व ही सामंजस्य बैठा लिया जाता तो संभव था कि हाल ही में थोक सब्जी मण्डी के विस्थापित होने के बाद, खाली पड़े उक्त स्थल का उपयोग अस्थायी रूप से पार्किंग के लिये कर लिया जाता तो सड़कों पर वाहनों की भीड़ को रोका जा सकता था लेकिन शायद यातायात विभाग और नगर पालिका ने प्रमुख पर्व के पूर्व कोई होमवर्क नहीं किया जिसके कारण वे आपस में तालमेल भी नहीं बैठा सके। इस स्थिति का खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है। अपेक्षा है कि आने वाले दिनों में पार्किंग की व्यवस्था पर गंभीरता पूर्वक मंथन किया जाकर इसका कोई ठोस हल अवश्य ही निकाल लिया जायेगा।

विजय डहेरिया