जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ से मारपीट!

 

 

आक्रोशित चिकित्सकों ने दर्ज करायी प्राथमिकी, सुरक्षा एजेंसी पर सवालिया निशान!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार अस्पताल का चर्चा में आने का कारण एक मरीज़ के परिजन के द्वारा सेवा निवृत्ति की कगार पर पहुँच चुके शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.आर.के. शर्मा के साथ मारपीट की जाना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग दो माह बाद सेवा निवृत्त होने वाले शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.आर.के. शर्मा के साथ एक मरीज़ के परिजन के द्वारा मारपीट कर दी गयी। दरअसल, तीरथ प्रसाद मानेश्वर के द्वारा डॉ.शर्मा से अपने भतीजे का परीक्षण कराये जाने का आग्रह किया जा रहा था।

बताया जाता है कि तीरथ प्रसाद मानेश्वर के द्वारा अपने भतीजे का उपचार इसके पहले कहीं और (संभवतः झोला छाप चिकित्सक के पास) करवाया गया था। बच्चे की हालत जब बिगड़ने लगी तब उक्त चिकित्सक के द्वारा बच्चे को जिला अस्पताल ले जाकर दिखाये जाने का मशविरा दिया गया।

अस्पताल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि तीरथ प्रसाद मानेश्वर के द्वारा जब अपने भतीजे को जिला चिकित्सालय लाया गया था, तभी उसने दम तोड़ दिया था। इसके बाद आक्रोशित तीरथ प्रसाद के द्वारा इसका गुस्सा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.आर.के. शर्मा पर उतार दिया गया।

बताया जाता है कि इस घटना के बाद चिकित्सकों के द्वारा सिविल सर्जन से इसकी शिकायत की गयी, किन्तु सिविल सर्जन के द्वारा यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि उनके पास किसी तरह की शिकायत नहीं आयी है, इसलिये वे इस मामले में कोई कार्यवाही तभी कर सकते हैं जब उनके पास कोई लिखित में शिकायत दे।

इधर, सूत्रों का कहना था कि इसके बाद चिकित्सक एकजुट होकर इस घटना की शिकायत करने कोतवाली पहुँचे। कोतवाली में डॉ.आर.के. शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने धारा 293, 186, 353 एवं चिकित्सा से जुड़े अधिनियम 2008 के तहत धारा चार के तहत मामला पंजीबद्ध करते हुए जाँच आरंभ कर दी गयी है। इस मामले में चिकित्सक का मुलाहज़ा भी करवाया गया है।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि इसके पहले भी अस्पताल के आपात कालीन प्रभाग में रात लगभग एक बजे एक चिकित्सक के द्वारा सुरक्षा कर्मी को अपशब्द कहे गये थे। बाद में एक अन्य सुरक्षा कर्मी और चिकित्सक की उपस्थिति में एक सुरक्षा कर्मी को ही एक एंबुलेंस संचालक के द्वारा पीटा भी गया था।

कहा जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन की आँखों का नूर बन चुकी सुरक्षा और सफाई एजेंसी से निविदा की शर्तों के हिसाब से काम कराने की बजाय अस्पताल प्रशासन के द्वारा इन्हें अघोषित तौर पर छूट प्रदाय की जा रही है, जिसके चलते अस्पताल में अराजकता का वातावरण निर्मित होता जा रहा है।

ज्ञातव्य है कि संवेदनशील जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा इंदिरा गांधी जिला अस्पताल की सूरत और सीरत बदलने के लिये दिन रात एक किये जा रहे हैं किन्तु अस्पताल प्रशासन के द्वारा जिस तरह की कार्यप्रणाली को अपनाया जा रहा है उससे अस्पताल की छवि में निखार आने की बजाय, उसकी छवि धूमिल होती ही दिख रही है।