प्रदेश के आंकड़े तो गिनाये पर स्थानीय मामलों में साधा मौन!

 

 

जिला काँग्रेस कमेटी ने स्थानीय किसानों के मसले से किया गुरेज़!

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। प्रदेश में इस बार आयी भीषण आपदा से सिवनी जिला भी अछूता नहीं रहा है। इस साल हुई अतिवर्षा और असमय होने वाली बारिश के कारण अन्नदाता किसानों की फसलें खराब हो चुकीं हैं। किसानों के मक्के की पकी फसलें भी अंकुरित होने की स्थिति में पहुँच चुकीं हैं।

जिला काँग्रेस कमेटी के द्वारा रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में जिले के किसानों को हुए नुकसान के आंकड़ों को दरकिनार करते हुए प्रदेश स्तर के आंकड़ों पर केंद्रित वक्तव्य दिये गये। इस दौरान जिला काँग्रेस अध्यक्ष राज कुमार खुराना के द्वारा प्रदेश के 52 जिलों में से 39 जिलों में 284 तहसीलों में प्राकृतिक आपदा का प्रभाव बताया गया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 60.47 लाख हेक्टेयर रकबे में 16 हजार 270 करोड़ रूपये की फसलें बर्बाद र्हुइं हैं। एक लाख 20 हजार घरों को क्षति पहुँची तथा 674 नागरिकों को अपने प्राण गंवाने पड़े। इस दौरान 11 हजार किलोमीटर सड़क के अलावा एक हजार से अधिक पुल पुलिया क्षतिग्रस्त होने की बात उनके द्वारा कही गयी।

पत्रकार वार्ता के दौरान ही काँग्रेस के अनेक नेताओं के बीच यह चर्चा भी चलती रही कि ये आंकड़े प्रदेश काँग्रेस कमेटी के द्वारा की जाने वाली पत्रकार वार्ता के लिये उपयोगी हैं। जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को तो इसके लिये गृहकार्य (होम वर्क) कर स्थानीय स्तर पर जिले में कितना रकबा, कितने किसान, कितनी सड़कें, पुल पुलिया आदि की क्षति हुई इस बात को रखा जाना चाहिये था।

चर्चाओं के अनुसार जिले में प्रभावित किसानों आदि को क्षति का मुआवज़ा दिलवाने के लिये जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज कुमार खुराना को चाहिये था कि वे मण्डला सांसद व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते एवं बालाघाट सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन को कटघरे में खड़ा करते क्योंकि केंद्र सरकार से मुआवज़ा दिलवाये जाने में इन दोनों प्रतिनिधियों की भूमिका अहम रहती।

चर्चाओं के अनुसार स्थानीय सांसदों का जिक्र न करते हुए काँग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना के द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को कटघरे में खड़ा किया जाता रहा, जिन तक उनकी बात शायद ही पहुँच सके।