एनटीएसई परीक्षा थी निःशुल्क, वसूली मोटी फीस!

 

 

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में निजि स्कूल द्वारा तीन हजार रूपये की वसूली की चर्चाएं!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा के निःशुल्क होने के बावजूद भी निजि शालाओं के संचालकों के द्वारा विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूले जाने की शिकायत का कोई नतीज़ा नहीं निकला। केंद्राध्यक्ष के द्वारा शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को जिलाधिकारी प्रवीण सिंह से शिकायत करने का मशविरा दे डाला गया।

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन रविवार को किया गया था। इस दौरान मिशन उच्चतर माध्यमिक शाला में बनाये गये एक परीक्षा केंद्र में शासकीय हाई स्कूल बांकी के प्राचार्य जी.एस. उईके को केंद्राध्यक्ष बनाया गया था। इस शाला में अनेक विद्यार्थियों के द्वारा इस निःशुल्क परीक्षा के लिये तीन हजार रूपये का परीक्षा शुल्क वसूलने के आरोप लगाये गये।

मिशन उच्चतर माध्यमिक शाला के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि निजि शाला के कुछ विद्यार्थियों के द्वारा केंद्राध्यक्ष जी.एस. उईके से मिलकर उनसे शाला प्रबंधन के द्वारा इस परीक्षा के एवज़ में तीन हजार रूपये का परीक्षा शुल्क वसूल करने की शिकायत की गयी।

सूत्रों ने बताया कि केंद्राध्ध्यक्ष के द्वारा विद्यार्थियों से यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया गया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है, इसलिये इस मामले में विद्यार्थी चाहें तो जिलाधिकारी प्रवीण सिंह से शिकायत कर अपनी बात उनके सामने रख सकते हैं।

जिले में आयोजित इस परीक्षा में दस हजार से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। यदि इस हिसाब से अनुमान लगाया जाये तो शिक्षा विभाग ने इस परीक्षा में लाखों का वारा न्यारा कर लिया है। जबकि तत्कालीन कलेक्टर धनराजू एस के समय में यह फैसला लिया गया था कि किसी भी परीक्षा में विद्यार्थियों से बीस रुपये से अधिक फीस नहीं वसूली जा सकती है।

इस मामले में हाई स्कूल बांकी के प्राचार्य जी.एस. उईके से चर्चा के दौरान उन्होंने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि उनके पास एक दो छात्राएं आयीं थीं, जिन्होंने इस बात की शिकायत की थी कि उनसे इस परीक्षा के लिये तीन हजार रूपये की राशि वसूली गयी है। इस पर उन्होंने विद्यार्थियों से कहा गया कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, इसलिये वे जिलाधिकारी प्रवीण सिंह से इस बात की शिकायत करें।

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि उनकी जानकारी में इस तरह की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्राध्यक्ष के संज्ञान में यह बात आयी थी कि किसी निजि शाला के संचालक के द्वारा तीन हजार रूपये की राशि की वसूली की गयी है तो केंद्राध्यक्ष को इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को तत्काल अवगत कराना चाहिये था।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि केंद्राध्यक्ष के द्वारा भी उनके संज्ञान में किसी तरह की जानकारी नहीं लायी गयी है। अगर इस निःशुल्क परीक्षा के लिये किसी शाला संचालक के द्वारा फीस वसूली की गयी है तो यह गलत है। इस बात की जाँच कराने की बात उन्होंने कही है।