गुरुनानक देव की शिक्षाओं पर आधारित तीन पुस्तकों का विमोचन

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती मनाने के लिए केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंकऔर हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को उनकी शिक्षाओं पर आधारित तीन पुस्तकों का विमोचन किया।

मूल रूप से पंजाबी में प्रकाशित इन तीनों पुस्तकों का 15 प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है।मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंकऔर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेगबहादुर खालसा कॉलेज में गुरु नानक बानी”, “नानक बानी”, और साखियां गुरु नानक देवनामक इन तीन पुस्तकों का विमोचन किया। भाई जोध सिंह द्वारा संकलित गुरु नानक बानी”, गुरु नानक देव की मूल बानी के चुनिंदा छंदों का एक संग्रह है।

मंजीत सिंह द्वारा संकलित नानक बानीमें सिख गुरु की पांच प्रमुख रचनाएं (पंच बानियां) हैं। जनमसाखी’(जन्म कथाएँ) को गुरु नानक की जीवनी माना जाता हैं। जगतारजीत सिंह द्वारा संकलित सखियन गुरु नानकगुरु नानक देव की इन जीवन गाथाओं पर आधारित एक पुस्तक है। श्री ननकाना साहिब (वर्तमान में पाकिस्तान) में 1469 में पैदा हुए गुरु नानक देव ने समाज में प्रेम और सदभाव का प्रचार प्रसार करने के लिए भारत, दक्षिण एशिया, तिब्बत और अरब में आध्यात्मिक यात्राएं की थीं। उनके संदेशों को सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ “गुरु ग्रंथ साहिब” में लिखा गया है। पिछले साल नवंबर में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2019 में गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती पूरे देश की राज्य सरकारों और विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ मनाने का प्रस्ताव पारित किया था।