बिना डामर किये ही चल रहा डायवर्टेड मार्ग!

 

मुझे शिकायत रेल्वे के ठेकेदार से है जिसके द्वारा सिवनी के कटंगी नाका क्षेत्र में एक ब्रिज का निर्माण करवाया जा रहा है।

इस ब्रिज के निर्माण के लिये, पुराने मार्ग का आवागमन डायवर्ट कर दिया गया है। इस डायवर्टेड मार्ग का समतलीकरण करवाये जाने की जहमत तक उक्त ठेकेदार के द्वारा नहीं उठायी गयी है। ग्रीष्म काल में आरंभ हुआ उक्त कार्य बारिश के दिनों में भी उसी दोषपूर्ण कार्यप्रणाली के साथ जारी रहा जिसकी ओर अभी वर्तमान में भी संबंधितों के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पुराने कटंगी नाका क्षेत्र में बने इस डायवर्टेड मार्ग पर डामर की परत चढ़ाने की जहमत तक ठेकेदार के द्वारा नहीं उठायी गयी जिसके कारण बारिश के दिनों में इस स्थान पर कीचड़ होता रहा और इस कीचड़ में स्लिप होकर वाहन चालक गिरकर घायल होते रहे। वाहन चालक ही नहीं साईकिल सवार भी इस मार्ग पर स्लिप होकर घायल होने से अछूते नहीं रहे लेकिन ठेकेदार की मानवीय संवेदनाएं नहीं जाग सकीं।

अभी भी जब तब बारिश हो जाती है जिसके कारण यहाँ बार-बार कीचड़ युक्त मार्ग से लोगों को निकलने के लिये मजबूर होना पड़ता है। पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं हुई है जिसके कारण यह संपूर्ण क्षेत्र भयंकर धूल से अटा पड़ा नज़र आता है। इस मार्ग से ही ग्रामीण क्षेत्र के लोग आना-जाना करते हैं जिसके कारण उन लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

स्कूली छात्र-छात्राएं भी इस स्थान से धूल में नहाकर निकलते हैं। घर से शाला जाने के लिये तैयार होकर निकले ये विद्यार्थी धूल से सने हुए ही शाला में अध्ययन करने को मजबूर बना दिये गये हैं। शाला से घर लौटते समय उन्हें एक बार फिर इसी धूल भरे स्थान से होकर गुजरना पड़ता है। संबंधित विभागों से अपेक्षा ही की जा सकती है कि उनके द्वारा भले ही रेलवे के ठेकेदार को सिवनी में मनमानी करने की छूट दे दी गयी हो लेकिन विद्यार्थियों को हो रही असुविधा का ध्यान तो कम से कम अवश्य ही रखा जाये।

गफ्फार खान