दी प्रवासी पक्षियों ने दस्तक, सावधानी आवश्यक

 

 

(स्पेशल ब्यूरो)

सिवनी (साई)। लोग हों या फिर पक्षी, सभी को जिले की फिजा लुभाती है। यहाँ का माहौल ही कुछ ऐसा है, जो लोगों के साथ ही साथ पक्षियों को भी रास आता है। ये भले ही थोड़े समय के लिये यहाँ आते हैं, लेकिन कुछ समय तक रहने के लिये भी इन्हें सिवनी की ही उड़ान भरने पर मजबूर कर देता है।

सर्दियों का सीजन आरंभ होते ही ये प्रवासी पक्षी सैर पर निकल चुके हैं। इनमें से कुछ जहाँ खाने की तलाश में दूसरे शहरों से सिवनी में आमद बढ़ा रहे हैं, तो कुछ जलवायु से प्रभावित होकर सिवनी जिले का रुख कर रहे हैं। इन प्रवासी पक्षियों की संख्या देश के विभिन्न कोनों से आ रही है, वहीं विदेशों से आने वाले पक्षियों की संख्या में भी इज़ाफा हो रहा है।

साल भर आते हैं पक्षी : शहर का वातावरण पक्षियों को काफी रास आता है। ऐेसे शहर में उनकी आवाजाही साल भर बनी रहती है, लेकिन ठण्ड के दिनों में उनका आना विशेष रूप से बढ़ जाता है। वर्ड वॉचर्स बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में पक्षियों की आवाजाही शहर में बढ़ चुकी है। वे साल के बारह महीने शहर का दौरा करते हैं, लेकिन अप्रैल और नवंबर से दिसंबर के बीच इनकी संख्या में बढ़ौत्तरी हो जाती है।

इस कारण आते हैं पक्षी : आसपास मौजूद कीटों के लिये, पर्यावरण में बदलाव के कारण, कुछ खास भोजन की तलाश में जो सिर्फ जिले में मिलता है के चलते प्रवासी पक्षियों के लिये सिवनी जिला मुफीद ही साबित होता है। इसके अलावा मौसम की नरमाहट के चलते, उत्तरी एशिया, रूस, कजाकिस्तान, साईबेरिया आदि देशों से पक्षियों की आमद जारी है। इनमें साईबेरियन सारस, ग्रेटर फ्लेमिंगो, ब्लेक विंग्ड, कॉमन टील, यलो वैगटेल आदि पक्षियों का शुमार है।

पिछले कुछ सालों से पक्षियों से बीमारियां फैल रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को चाहिये के वह इस दिशा में आवश्यक कदम उठाये और यदि आवश्यक हो तो एडवाईज़री भी जारी की जानी चाहिये ताकि बर्ड फ्लू या इसी तरह की अन्य कोई बीमारी सिवनी जिले में अपने पैर न जमा सके।

विडंबना ही कही जायेगी कि जब एडवाईज़री जारी होना चाहिये तब तो स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभाग मौन रहते हैं पर सांप निकल जाने के बाद लकीर पीटने की तर्ज पर बाद में एडवाईज़री जारी कर, विभागों के द्वारा रस्म अदायगी की जाती है।