जानिये राजा महाराजाओं के अजीबो गरीब शौक के बारे में!

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शौक! अगर राजा महाराजाओं के न हों तो ये बात कुछ जमती नहीं। आईये आज हम आपको बताते हैं हिंदुस्तान के कुछ राजाओं के बारे में जिनके शौक निराले थे। इनके शुक के बारे में जानने के बाद आप हैरान रह जायेंगे।

सबसे पहले बात करते हैं जूनागढ़ के महाराज महाबत खान रसूल खान की। ये भारत वर्ष के ऐसे राजा थे जिन्हें अपने पालतू कुत्तों से बहुत प्यार था। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके पास लगभग 800 कुत्ते थे और हैरानी की बात तो यह है कि, इन कुत्तों के लिये एक-एक नौकर भी नियुक्त किया गया था। महाराजा अपने कुत्तों की शादियां भी करवाया करते थे और जब कोई कुत्ता मर जाता था तो वे उसकी याद में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित करते थे। अजब – गजब महाराजाओं में अलवर के राजा जय सिंह का नाम भी शामिल है।

राजा जय सिंह, एक बार लंदन यात्रा पर निकले थे। वहाँ, वे सामान्य कपड़ों में एक रॉयल रोयस के शोरूम गये। वहाँ जो उनके साथ व्यहार हुआ उसे देख उन्हें बहुत बुरा लगा इसके बाद वो एक बार फिर अपने पूरे राजसी ठाठ से रॉयल रोयस के शोरूम पहुँचे और 10 कारें खरीद लाये।

अगर आपको लगता है उनका बदला यहीं पूरा रह गया तो आपको बता दें कि, उन कारों की छत हटवाकर उन्हें कूड़ा उठाने में लगा दिया। बाद में जब रॉयल रोयस के अधिकारियों को इस बात का पता चला तो उन्होंने राजा जयसिंह माफी माँगी। हैदराबाद के आखिरी निज़ाम विश्व के सबसे महंगे हीरे जेकब का इस्तेमाल पेपर वेट के रूप में किया करते थे। उस हीरे का आकर शुतुरमुर्ग के अण्डे के बराबर था और उस समय उसकी कीमत लगभग 50 लाख थी।