हटाए जाएंगे सालों से जमे अधिकारी कर्मचारी

 

 

 

 

वन विभाग में आरंभ हुई कवायद

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। प्रदेश भर में वन विभाग और उसके अधीनस्थ कार्यरत कार्यालयों में सालों से अधिकारी और कर्मचारियों जमें हुए हैं। विभाग में लगातार मनमर्जी से चल रहे कार्यों की जानकारी वन मंत्री तक पहुंच रही है। वर्षों से एक ही स्थान पर जमे इन अफसर, कर्मचारियों की पहुंच के आगे कानून भी ढीले पड़ जाते हैं जिसके कारण इन पर कारवाई नहीं हो पाती।

अब ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले को लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख द्वारा वन मंत्री के आदेश पर तबादले के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद वन विभाग में हड़कंप की स्थिति है।ज्ञात हो कि इसके पूर्व भी कई कर्मचारी संगठनों की मांग पर कई वर्षों से अधिक एक ही स्थान पर पैर जमाए कर्मचारी व अधिकारियों को हटाए जाने कहा गया था, लेकिन दो-चार कार्रवाई कर मामले को शांत करा दिया जाता है। इस बार वन मंत्री के आदेश के बाद सहायक वन संरक्षक एपी सिंह द्वारा समस्त मुख्य वन संरक्षक और वन मण्डलाधिकारी को आदेश जारी किए गए हैं।

कारवाई में जबलपुर शामिल नहीं : प्रदेश शासन द्वारा वन विभाग में 5 वर्ष से अधिक जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानांतरण करने के आदेश सभी जगह के लिए जारी किए गए हैं जिसमें से 38 लोगों का तुरंत तबादला कर दिया गया है। जबकि जबलपुर जिले के एक भी लोगों का इसमें नाम नहीं है। यहां फैली अफसरशाही और अधिकारियों व कर्मचारियों की ऊंची पहुंच के कारण यह नीती उनपर लागू नहीं हो पा रही है। अधिकारियों को इस संबंध में अभी जानकारी जुटाने की जरूरत है जबकि अब जबकि एक सप्ताह से भी ज्यादा समय हो गए जो सीधे वन मंत्री ने तबादले के आदेश दिए हैं तो भी अधिकारी चुप हैं।

यहां 30 से 35 वर्षों से जमेः राज्य वन अनुंसधान संस्थान (एसएफआईआर) की बात करें तो यह आदेश यहां भी लागू होता है लेकिन इस संस्थान में कई अधिकारी व कर्मचारी पिछले 30 से 35 वर्षों से जमे हुए हैं। जबकि मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के अनुसार सामान्यतः 5 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के पश्चात ही स्थानांतरण करने का प्रावधान किया गया है। यहां अपने मूल विभाग को छोड़ कई कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर हैं। जिसे देखते हुए प्रदान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने निर्देश दिए गए हैं जिसका पालन होता नहीं दिख रहा है।