विधिक शिविर में विद्यार्थियों को बताया शिक्षा का अधिकार

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ.एस.के. मिश्र के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट बालक छात्रावास बींझावाड़ा में बाल दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया।

अपर जिला न्यायाधीश, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्र किशोर बारपेटे ने छात्र – छात्राओं को बताया कि विद्यार्थियों का प्रथम अधिकार शिक्षा का अधिकार है जो मौलिक कर्त्तव्य अनुच्छेद 21क के अंतर्गत प्रदान किया गया है। इसमें छः से चौदह वर्ष के आयु समूह में सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि किसी भी उपक्रम या संस्थान में विद्यार्थियों से श्रम नहीं कराया जा सकता। इसके अतिरिक्त लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम व मोटर व्हीकल अधिनियम आदि की जानकारी दी गयी। साथ ही उपस्थित छात्र – छात्राओं को मन लगाकर पढ़ने व अपने समाज का नाम रौशन करने की समझाईश दी गयी।