चोरी और सीनाज़ोरी!

 

 

जाँच अधिकारियों से ही कागज़ माँग लिये महिला चिकित्सक ने

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। बिना अनुमति चल रहे चिकित्सकीय जाँच शिविर पर कार्यवाही करने में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को शनिवार को पसीना आ गया। शनिवार को अवकाश होने के कारण अधिकारियों को ढूंढने के बाद कार्यवाही की गयी। देर शाम हुई कार्यवाही के बाद जाँच शिविर में जाँच का काम बंद किया गया।

ज्ञातव्य है कि नागपुर एवं अन्य प्रदेशों से चिकित्सकों के द्वारा मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य संचालनालय आदि में अपना पंजीयन करवाये बिना ही सिवनी में मरीज़ों की जाँच की जा रही है। यह काम सालों से जारी है, पर इस तरह के अवैध कार्य पर कार्यवाही करने वाला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय सदा ही मौन रहता है।

शनिवार को एक निज़ि हॉटल में आयोजित दो दिवसीय इस शिविर की शिकायत सुबह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.आर. शाक्य से की गयी। डॉ.शाक्य ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि वे मण्डला जिले में नसबंदी ऑपरेशन के सिलसिले में बाहर थे।

डॉ.शाक्य ने कहा कि उनके संज्ञान में इस तरह के किसी शिविर के होने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में न किसी के द्वारा उनसे अनुमति चाही गयी है और न ही सूचना दी गयी है। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह बात आयी है, इसलिये उनके द्वारा जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कार्यवाही हो सके।

उन्होंने बताया कि उनके द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केद्र गोपालगंज के प्रभारी बीएमओ डॉ.राजेंद्र कुमार को निर्देशित किया गया है कि वे सीएमएचओ कार्यालय में चिकित्सकों का पंजीयन और अनुमति आदि देने वाले लिपिक के साथ मिलकर मौके पर जाकर अनुमति आदि देखें और अगर नहीं हो तो कार्यवाही करें।

इधर, प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार डॉ.कुमार जब मौके पर पहुँचे तो शिविर में उपस्थित महिला चिकित्सक के द्वारा डॉ.कुमार को अनुमति दिखाने की बजाय उनसे (डॉ.कुमार से) ही सीएमएचओ के द्वारा अधिकृत किये जाने का आदेश माँग लिया गया! डॉ.कुमार के द्वारा इसकी जानकारी सीएमएचओ को दिये जाने के बाद डीएचओ डॉ.प्रभाकर सिरसाम मौके पर पहुँचे और कार्यवाही की।