खनिज विभाग के कारण हो रहा अर्थवर्क में विलंब!

 

 

2020 की दीपावली तक . . . 04

डॉ.बिसेन ने अधिकारियों को दिया जून 2020 का लक्ष्य

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। सिवनी में अमान परिवर्तन की गति देखकर प्रतीत हो रहा है कि अगले साल जून माह तक सिवनी जिले में ब्रॉडगेज़ का काम पूरा कर लिया जायेगा, बशर्ते बजट आवंटन और प्रशासनिक रोढ़ों को दूर किया जा सके। अर्थवर्क में खनिज विभाग की अनुमति न मिल पाना भी एक समस्या के रूप में सामने आया है।

रेलवे के तकनीकि प्रभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि हाल ही में बालाघाट सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन के द्वारा व्यक्तिगत दिलचस्पी लिये जाने के बाद अब यह उम्मीद जागी है कि रेलवे के अमान परिवर्तन के कार्य को गति मिल पायेगी।

सूत्रों ने आगे कहा कि सांसद डॉ.बिसेन को रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर मनीष लावनकर ने बताया था कि सिवनी से बैनगंगा नदी तक के हिस्से में रेल की पातें बिछाने के लिये अर्थ वर्क कराया जाना है। इसके लिये मुरम या कोपरा मिट्टी नहीं मिल पाने के कारण, मंथर गति से कार्य चल रहा है।

सूत्रों की मानें तो रेलवे के अधिकारियों के द्वारा सांसद को यह भी बताया गया कि अर्थवर्क के लिये मुरम मुहैया करवाने के लिये विभाग के द्वारा खनिज विभाग को पत्र लिखे जाने के बाद भी इस मामले में खनिज विभाग के द्वारा न तो स्थान मुहैया करवाया गया है और न ही अनुमति दी गयी है।

सूत्रों ने बताया कि बैनगंगा नदी पर लखनवाड़ा के पास का पुल भी पूर्णता की ओर ही है। सिवनी में काम पूरा करने के लिये लगभग 248 करोड़ रूपये की दरकार है। इस मामले में डॉ.बिसेन ने संसद के शीत कालीन सत्र के दौरान रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से चर्चा कर राशि मुहैया करवाने की बात कही है।

सूत्रों ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों के द्वारा अपनी समस्याएं बताये जाने के बाद सांसद डॉ.बिसेन के द्वारा जिलाधिकारी के साथ इस मामले में बैठक की जाकर इन सभी जरूरी अनुमतियों आदि को समय पर दिलवाने की बात कही गयी है। जिलाधिकारी के द्वारा सांसद डॉ.बिसेन को आश्वस्त भी किया गया कि इस मामले में वे भी व्यक्तिगत रूप से अनुमतियां दिलवाने का प्रयास करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि इसके पहले किसी भी संसद सदस्य या विधायक के द्वारा जिले में चल रहे अमान परिवर्तन के कार्यों में सामने आ रहीं रूकावटों के संबंध में संपर्क नहीं किया गया। यहाँ तक कि प्रशासनिक स्तर पर जो अनुमतियां चाहिये थीं, उन अनुमतियों को दिलवाने में भी किसी के द्वारा दिलचस्पी नहीं ली गयी।

रास्ता बंद करने से परेशानी : इधर, कटंगी नाका मुख्य मार्ग को बंद किया जाकर कटंगी नाके से मठ मंदिर मार्ग से होकर यहाँ का रास्ता डायवर्ट किया गया है, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना, लोगों को करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस रास्ते को बंद करने के पहले रेलवे को नागरिकों को इसकी सूचना देकर, उसके द्वारा वैकल्पिक मार्ग की जानकारी दी जाना चाहिये थी।

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