कटकवार सर हुए ब्रह्मलीन

 

अंतिम यात्रा आज प्रातः 11 बजे

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रसायन शास्त्र के व्याख्याता के रूप में सालों तक सेवाएं देने वाले पीजी कॉलेज़ से सेवानिवृत्त प्राचार्य तुषार कांत कटकवार ब्रह्मलीन हो गये।

उनके पारिवारिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि वे फिलहाल सिक्किम प्रवास पर थे। उन्हें सिलीगुड़ी में सांस लेने में तकलीफ होने के कारण सिलिगुड़ी के अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, जहाँ उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी। इसके बाद उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा था।

सूत्रों ने बताया कि उनके परिजन उन्हें सिलिगुड़ी से ट्रेन एंबुलेंस के जरिये 21 नवंबर को नागपुर लाने हेतु रिजर्वेशन आदि करवा चुके थे। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने अपनी नश्वर देह त्याग दी।

वे अपने पीछे पुत्र अर्पण, अंशुल एक पुत्री सहित नाती पोतों का भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं। उनकी पार्थिव देह बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे सिलिगुड़ी से सिवनी पहुँचेगी। इसके बाद रेलवे स्टेशन के पास उनके निवास से उनकी अंतिम यात्रा कटंगी नाका मोक्षधाम के लिये रवाना होगी।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट परिवार इस दुःख की घड़ी में परिजनों को गहन दुःख सहने की क्षमता ईश्वर से प्रदान कर दिवंगत आत्मा की चिरशांति की कामना ईश्वर से करता है।