सोमवार को हुई दस्तावेजों की जप्ति

 

 

0 नगर परिषद ने किया सवा करोड़ . . . 02

उपयंत्री ने किया अस्वस्थ्य होने का ईमेल

(ब्यूरो कार्यालय)

बरघाट (साई)। नगर परिषद में रविवार को प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्र लोगों को लाभ दिये जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सोमवार को दस्तावेजों की जप्ति की कार्यवाही को अंजाम दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा नगर परिषद बरघाट के सील किये गये चार कमरों को खोला जाकर वहाँ से दस्तावेजों की जप्ति की कार्यवाही को अंजाम दिया गया। इस मामले में आरोपी बनाये गये चार आरोपियों में से तीन आरोपी सोमवार को कार्यालय नहीं पहुँचे, वहीं उपयंत्री शील भालेकर ने ईमेल पर अस्वस्थ्य होने की जानकारी भेजी।

बरघाट पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सोमवार की दोपहर नायब तहसीलदार हरीश लालवानी, बरघाट के थाना प्रभारी आशीष खोबरागढ़े दल बल के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुँचे। बीती शाम प्रशासन ने चार कमरों को सील कर दिया था। सोमवार को इन कमरों को खोला गया।

सूत्रों ने बताया कि इसके बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी बी.एस. लिल्हारे से इस दल के द्वारा पूछताछ कर दस्तावेजों की जप्ति बनायी गयी। वहीं इस मामले में आरोपी बनाये गये नगर परिषद के अध्यक्ष रंजीत वासनिक, उपयंत्री शील भालेकर और तत्कालीन राजस्व उप निरिक्षक भरत गजबे अपने कार्यालय नहीं पहुँचे। उपयंत्री शील भालेकर ने मेल से सेहत खराब होने का हवाला देते हुए तीन दिन का अवकाश माँगा है।

ज्ञातव्य है कि रविवार को बरघाट थाने में एक प्राथमिकी दर्ज हुई जिसमें नगर परिषद बरघाट के अध्यक्ष रंजीत वासनिक सहित दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार किये जाने की शिकायत दर्ज की गयी थी। रंजीत वासनिक निर्दलीय अध्यक्ष हैं।

इस मामले में स्थानीय काँग्रेस नेता व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सिंह ठाकुर और काँग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र जैसवाल ने जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह को एक शिकायत दी थी जिसमें प्रधानमंत्री आवास में घोटाले का आरोप लगाते हुए जाँच करवाये जाने की माँग की गयी थी।

जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने एसडीएम बरघाट, तहसीलदार बरघाट और नगर पंचायत के सीएमओ की एक समिति बनाकर इस मामले की जाँच करने के आदेश दिये थे। जाँच में पाया गया कि बरघाट क्षेत्र में स्वीकृत 1200 पीएम आवासों में से 55 अपात्रों को बिना किसी काम के भुगतान कर दिया गया है।

इस प्रकार लगभग एक करोड़ 13 लाख रुपये का गोलमाल प्रथम दृष्टया सामने आया है। रविवार को प्रशासन ने इस मामले में अमानत में खयानत का मामला बरघाट थाने में दर्ज कराया। बरघाट पुलिस ने इस मामले में धारा 409 के तहत नगर परिषद अध्यक्ष रंजीत वासनिक, भरत गजबे तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक (वर्तमान में चौरई छिदंवाड़ा में सीएमओ के पद पर पदस्थ) और पीएम आवास की नोडल अधिकारी व सब इंजीनियर शील भालेवार के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया था।

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