बिना फिटनेस के दौड़ रहीं दर्जनों बसें

 

 

यातायात पुलिस और आरटीओ को नहीं है परवाह!

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। बिना फिटनेस के दर्जनों बसें धड़ल्लें से चल रही हैं। बगैर पंजीयन एवं परिवहन विभाग के नियमों को दरकिनार कर पचासों वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं। यात्री बसों में परिवहन विभाग के द्वारा ही तय किये गये कई नियम हवा में उड़ रहे हैं।

जिले में परिवहन विभाग के उदासीन रवैये से बगैर फिटनेस के बस दौड़ाने वालों और नियम, कायदों को दरकिनार करने वालों की पौ बारह है। अब शायद व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद इसलिये हो सकती है कि आरटीओ की गाड़ी में जीपीएस के जरिये मंत्री अधिकारी की गतिविधियों पर नज़र रखेगा और हर हाल में आरटीओ को सड़क पर चैकिंग करना पड़ेगी।

भले ही जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा अवैध रूप से संचालित होने वाली बिना परमिट यात्री बसों की रोकथाम हेतु निर्देश जारी कर दिये गये हों किन्तु, परिवहन विभाग और पुलिस महज़ दिखावे के लिये कभी कभार एकाध घण्टे ही कार्यवाही कर अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री की जा रही है।

जिला मुख्यालय के अंदर से होकर न जाने कितनी बिना परमिट, फिटनेस के यात्री बस सवारियां भरकर कुलांचे मारती निकल जाती हैं। शहर के अंदर आज भी अवैध डंपर्स की धमाचौकड़ी बदस्तूर जारी है। काले शीशों वाले चार पहिया वाहनों को यातायात पुलिस या परिवहन विभाग का कोई खौफ नहीं रह गया है।

उधर, जिले का परिवहन विभाग फिलहाल दलालों की चौकड़ी से घिरकर ड्राईविंग लाईसेंस बनाने और वाहनों के पंजीयन का केन्द्र बन गया है। केन्द्र के बाहर सड़क पर दौड़ रहे वाहनों, यात्री बसों और उनके ऑपरेटरों द्वारा की जा रही मनमानी और खामियाजा भुगत रहे यात्रियों की दशा, दिशा से आरटीओ को कोई सरोकार नज़र नहीं आ रहा है।

बताया जाता है कि परिवहन विभाग की सांठगांठ की वजह से ही जिले में दर्जनों ऐसी खटारा, बिना फिटनेस की बसें दौड़ रही हैं जो, सड़कों पर चलने के योग्य हैं भी नहीं। कुछ बस ऑपरेटरों ने अवश्य खानापूर्ति के लिये कागज़ों में फिटनेस दिखायी और एक ढाक के तीन पात की तरह फिर वाहन सड़कों पर दौड़ा दिये। आलम यही है, इससे न तो यात्री बसों में किराये की सूची चस्पा है, न ही प्राथमिक चिकित्सा का बॉक्स है और न किसी भी बस में परमिट और उनके रूट का उल्लेख है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *