अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा बस स्टैण्ड!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

गणेशगंज (साई)। लखनादौन और छपारा के बीच गणेशगंज के बस स्टैण्ड में यात्री प्रतीक्षालय और शौचालय के अभाव में यात्रियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

गणेशगंज स्थित बस स्टैण्ड पिछले कई सालों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रहा है। यहाँ न तो यात्रियों के लिये यात्री प्रतीक्षालय है और न बाहर से आने जाने वाले यात्रियों को गर्मियों में धूप और बरसात में बैठने के लिये मुकम्मल स्थान हैं। यात्री प्रतीक्षालय न होने के कारण यात्रियों को बस स्टैण्ड पर दुकानों में ही बैठने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। इसके चलते न चाहते हुए भी यात्रियों को दुकानदार से कुछ न कुछ सामग्री भी खरीदना ही पड़ता है वरना दुकानदार उन्हें वहाँ से भगा देते हैं।

बस स्टैण्ड पर शौचालय न होने से खासतौर पर महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लघुशंका की स्थिति में उन्हें किसी खुले स्थान पर जाकर ही निवृत्त होना पड़ता है। वह भी लोगों के भीड़भाड़ एवं अत्यंत दूषित क्षेत्र में जाने के लिये मजबूर होना पड़ता है जिससे संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बना रहता है।

गणेशगंज के इस बस स्टैण्ड से लगभग 40 गाँवों के लोगों का प्रतिदिन आना – जाना लगा रहता है जिससे इस क्षेत्र में सुबह से शाम तक यात्रियों की काफी भीड़ रहती है। गणेशगंज बस स्टैण्ड से सिवनी, लखनादौन, छपारा, जबलपुर, नागपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट इत्यादि स्थान जाने के लिये गाँवों के आसपास के लोगों को यात्री वाहन गणेशगंज बस स्टैण्ड से ही मिलते हैं जिससे गाँव के लोग अपने घर से निकलकर कहीं भी जाने के लिये पहले गणेशगंज ही आते हैं। यात्रियों को मजबूरन रोड के किनारे पर ही बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।

ग्राम वासियों ने बताया कि वर्षों पूर्व बना प्रतीक्षालय को असामाजिक तत्वों के द्वारा नष्ट किया जा चुका है। रात के अंधेरे में प्रतीक्षालय की टीन शेड चोरों के द्वारा निकालकर ले जाये गये हैं। आसपास की दीवारों को तोड़ दिया गया है और उनकी ईंट तक नही बची हैं। ग्राम वासियों ने शीघ्र ही यात्री प्रतिक्षालय और शौचालय बनाये जाने की माँग उच्च अधिकारियों से की है।