विधानसभा के शीतकालीन सत्र की विशेष बैठकें 16-17 को

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की दो विशेष बैठकों का आयोजन 16 और 17 जनवरी को किया जाएगा। विशेष बैठकों में अनुसूचित जाति-जनजाति के आरक्षण को दस साल के लिए और बढ़ाए जाने का संकल्प लाया जाएगा।

लोकसभा और राज्यसभा में आरक्षण दस साल के लिए बढ़ाया गया है, जिसके अनुसमर्थन के लिए देशभर की विधान सभाओं से संकल्प पारित कराया जाना है।

संविधान में अनुसूचित जाति एवं जनजाति आरक्षण की व्यवस्था की गई है, जिसकी अवधि 25 जनवरी को समाप्त हो रही है। लोकसभा और राज्यसभा ने इसे दस साल के लिए और बढ़ाए जाने पर मुहर लगा दी है, लेकिन दो सदनों के अलावा देश की करीब 50 फीसदी विधान सभाओं से इसका अनुसमर्थन आवश्यक है।

राज्य सभा सचिवालय ने सभी विधानसभाओं को अनुसमर्थन के लिए 10 जनवरी की तारीख दी है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। मध्य प्रदेश विधान सभा के शीतकालीन सत्र की निर्धारित बैठकों के पहले ही 20 दिसंबर को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।

राज्य सभा सचिवालय की सूचना इसके बाद आई थी, लेकिन सत्रावसान की फाइल राज भवन तक नहीं पहुंची थी। मुख्यमंत्री कमल नाथ के प्रदेश से बाहर होने के कारण सत्र की विशेष बैठकों पर फैसला होने तक सत्रावसान प्रक्रिया को रोक दिया था।

सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री के प्रदेश लौटने पर शीतकालीन सत्र की दो विशेष बैठकों को बुलाने का फैसला हुआ। सैद्धांतिक रूप से दो विशेष बैठकें 16 और 17 जनवरी को होना तय किया गया है। पहले दिन विधायक बनवारीलाल शर्मा के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यवाही को अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

दूसरे दिन सरकार आरक्षण को दस साल के लिए आगे बढ़ाने का संकल्प लाएगी। विशेष बैठकों में प्रश्नकाल और अन्य शासकीय एवं अशासकीय कार्य नहीं होंगे। बताया जाता है कि विधान सभा में संकल्प के माध्यम से आरक्षण को आगे बढ़ाने का अनुसमर्थन करने को लेकर राज्य सभा सचिवालय के अधिकारियों की मध्य प्रदेश के अधिकारियों से चर्चा हुई थी और 15 जनवरी तक अनुसमर्थन हो जाने पर उसे समायोजित करने का आश्वासन दिया था।