तीन माह बीते, नहीं आरंभ हो पाये यातायात सिग्नल!

 

जिलाधिकारी ने दिये थे 04 अक्टूबर को छः दिन में आरंभ कराने के निर्देश!

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (ंसाई)। सिवनी शहर में लगभग आधा दर्जन स्थानों पर संस्थापित किये गये यातायात संकेतकों को जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा दिये गये अल्टीमेटम के तीन माह बाद भी आरंभ नहीं कराया जा सका है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने 04 अक्टूबर को यातायात संकेतक आरंभ कराये जाने के निर्देश दिये थे।

लोगों का कहना है कि सिवनी में यातायात का हाल दरअसल एकदम अराजक स्थिति में पहुँच चुका है लेकिन कोई भी विभाग इसे गंभीरता से लेता नहीं दिख रहा है जबकि यह जनता से सीधे – सीधे जुड़ा हुआ मामला है। सिवनी में सबसे ज्यादा अराजकता यदि किसी ने मचाकर रखी है तो वे हैं बसों के संचालक जिन्होंने अपने वाहनों के चालकों को शायद ये निर्देश देकर रखे हुए हैं कि बस स्थानक से निकलते वक्त धीरे – धीरे गंतव्य की ओर रवाना होना है ताकि शहर के अन्य स्थानों से भी सवारियां बटोरी जा सकें।

सिवनी में आधा दर्जन स्थानों पर यातायात संकेतक लगाये गये थे। लगभग तीन माह से ज्यादा समय से सिवनी के यातायात संकेतक बंद ही पड़े हुए हैं। जब चाहे तब बंद या चालू होने वाले सिग्नल्स जब चालू रहते थे, तब सिग्नल पर ही इन बसों के द्वारा खड़े होकर सवारियां भरने या उतारने के कारण इस बस के पीछे खड़े वाहन चालक ग्रीन सिग्नल होने के बावजूद आगे नहीं निकल पाते और उनका समय अनावश्यक रूप से बेकार होकर पुनः रेड सिग्नल हो जाता।

अब जबकि सिग्नल बंद पड़े हुए हैं तब भी यात्री बसों के चालक परिचालक इन बसों को बस स्टैण्ड से तो समय पर निकाल देते हैं पर शहर के बाहर निकालने में ये रेंगते हुए चलाते हैं। यातायात सिग्नल्स चाहे बंद भी हों तो भी इनके आसपास वाहनों में सवारियां भरते और उतरते आसानी से देखी जा सकती हैं।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन की अध्यक्षता में गत 04 अक्टूबर को संपन्न हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी प्रवीण सिंह ने नगर पालिका को यातायात सिग्नल्स को किसी भी कीमत पर छः दिनों में आरंभ कराने के कड़े निर्देश जारी किये थे। इसके बावजूद भी अब तक ये सिग्नल्स आरंभ नहीं हो पाये हैं।

सड़क सुरक्षा सप्ताह 11 से : यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि जनवरी माह में 11 तारीख से सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जायेगा। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान लाखों रूपयों की लागत से संस्थापित कराये गये यातायात सिग्नल यातायात सप्ताह को मुँह चिढ़ाते नज़र आयेंगे।