प्रदेश की सभी जेलों से बंदियों की पेशी होगी ऑनलाइन

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। प्रदेश की जेलों में सजा काट रहे बंदियों को अब पेशी के लिए न्यायालय ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे जेल से ही कोर्ट रूम में हाजिरी लगाकर अपनी बात रख सकेंगे

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सभी जेलों में अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था कर दी है। इससे जहां बंदियों को कोर्ट ले जाने का खर्च बचेगा वहीं दूसरी ओर उनकी सुरक्षा भी नहीं करना पड़ेगी।

बताया जाता है कि आने वाले दिनों में इसी माध्यम से बंदियों की पेशी कराई जाएगी। सरकार पिछले साल से मध्यंप्रदेश की 37 जेलों में ई-प्रिजन कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत बंदियों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।

यहां यह उल्ले ख करना प्रासंगिक होगा कि भोपाल केंद्रीय जेल से आतंकियों के भागने की घटना के बाद हरकत में आई राज्य सरकार सुरक्षा के मद्देनजर अब तक 23 जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगा चुकी है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार वहीं मध्य प्रदेश की शेष जेलों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। सभी केंद्रीय जेल और नौ जिला जेलों पर इलेक्ट्रिक तार फेंसिंग की जा रही है। जेलों को 590 वॉकी-टॉकी सेट एवं 22 बेस सेट दिए गए हैं।

प्राप्तस जानकारी के अनुसार राज्य सरकार मध्य प्रदेश के 10 जिलों में नई जेलों का निर्माण करवाएगी। इनमें केंद्रीय जेल इंदौर, जिला जेल बैतूल, रतलाम, राजगढ़, मुरैना, मंदसौर तथा सब जेल गाडरवारा, सब जेल कुक्षी, सब जेल मैहर और खुली जेल रीवा शामिल हैं।