बारिश में बह गयी सैकड़ों किवंटल धान!

 

अव्यवस्थाएं रहीं हावी, गीली हो गयी लाखों की धान!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद भी जिले में धान खरीद केंद्रों में माकूल व्यवस्थाएं न किये जाने के कारण अन्नदाता किसान की मेहनत पानी में बह गयी। 31 दिसंबर के बाद हो रही बारिश के बाद भी प्रशासन के द्वारा खरीद केंद्रों में खरीदी गयी और किसानों के द्वारा लायी गयी धान को सुरक्षित रखने के इंतजाम न किये जाने का भोगमान किसानों को ही भोगना पड़ रहा है।

ज्ञातव्य है कि समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट के द्वारा 25 दिसंबर के आसपास से ही लगातार इस बात की खबरों का प्रसारण और प्रकाशन किया जा रहा था कि 31 दिसंबर के बाद जिले में बारिश हो सकती है। इसके अलावा इस साल भी 08 जनवरी को बारिश की संभावनएं व्यक्त की गयी थीं।

31 दिसंबर के बाद दो तीन दिन हुई बारिश के बाद 08 जनवरी को सुबह से हुई जोरदार बारिश ने खरीद केंद्रो में रखी धान को खराब करना आरंभ कर दिया। बुधवार को हुई बारिश से अरी क्षेत्र के नवेगाँव खरीद केंद्र में लगभग दो सौ क्विंटल धान बहने की खबरें भी हैं।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि बारिश की चेतावनी के बाद भी खरीद केंद्रों में प्रभारियों के द्वारा किसानों की खून पसीने की मेहनत को सहेजने के लिये तिरपाल, शेड आदि की व्यवस्थाएं नहीं किया जाना और इसके अलावा खरीद केंद्रों के भूखण्ड को समतल भी न किया जाना आश्चर्यजनक ही माना जायेगा।

अरी से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ब्यूरो से टूप सिंह पटले ने बताया कि क्षेत्र के नवेगाँव खरीद केंद्र में बारिश में किसानों की धान बहते नज़र आयी। इसके अलावा खरीद केंद्र में रखी सैकड़ों क्विंटल धान पूरी तरह गीली हो चुकी है। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के अनुसार लगभग दो सौ क्विंटल धान बारिश के पानी के साथ नाले में बह गयी है।

बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति मीना बिसेन के द्वारा नवेगाँव खरीद केंद्र का निरीक्षण किया गया। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि इस खरीद केंद्र में शैलेंद्र सहित तीन किसानों की दो ट्रॉली से अधिक धान बारिश के पानी में बह गयी है। उन्होंने जिलाधिकारी, क्षेत्रीय विधायक, सांसद से अपेक्षा व्यक्त की है कि आपदा की इस घड़ी में किसानों के साथ अन्याय न हो पाये, इस बात का ध्यान रखा जाये।

जिले में बरघाट क्षेत्र को धान का कटोरा कहा जाता है। इस क्षेत्र के खरीद केंद्रों में सबसे ज्यादा तादाद में किसानों के द्वारा धान को लाकर बेचा जा रहा है। जिले के बरघाट, कान्हीवाड़ा, सिवनी क्षेत्र में बुधवार को बारिश हुई। इस बारिश में धान बुरी तरह भीग गयी। जिले के बरघाट क्षेत्र में बरघाट, कल्याणपुर, ताखला, अरी और दूसरे केंद्रों में धान बहती नज़र आयी।

वहीं, कल्याणपुर में पंप के जरिये पानी निकालने की कोशिश की गयी। इसी तरह कान्हीवाड़ा क्षेत्र में भोमा में स्थित समनापुर, करकोटी आदि केंद्रों में धान भीगी है। जिले में धान को सुरक्षित रखने के इंतजाम तब नहीं हैं जबकि एक सप्ताह पहले ही बारिश हो चुकी है। पिछले सप्ताह हुई बारिश से भी खरीदी केद्रों के प्रभारियों ने सबक नहीं लिया और उसका खामियाजा किसान भुगतने पर मजबूर हैं।