भीमगढ़ की नहरों से छोड़ा जा रहा पानी

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भीमगढ़ (साई)। गेहूँ व चना सहित दलहनी फसलों की सिंचाई के लिये भीमगढ़ बांध की एलबीसी और आरबीसी नहर से पानी छोड़ा जा रहा है। पलेवा की सिंचाई होने के बाद अब किसानों को नहर से पहला पानी दिया जा रहा है। दायीं व बायीं नहर से चौबीस घण्टे एक हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकेण्ड छोड़ा जा रहा है।

गुरुवार सुबह से नहरों को खोला गया है। अगले कुछ दिनों तक नहरों से सिंचाई के लिये किसानों को पानी भीमगढ़ बांध से दिया जायेगा। बांध के एसडीओ यू.बी. मर्सकोले ने बताया कि वर्तमान में बांध में 78.51 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। बांध का जल स्तर 517.50 पर स्थिर है।

पलेवा के लिये दिया 88 एमसीएम पानी : दिसंबर माह में किसानों को भीमगढ़ डेम से पलेवा का पानी नहरों के जरिये दिया गया था। बांध की नहरें जब खोली गयीं थीं तब भीमगढ़ फुल टैंक भरा हुआ था। इसमें 410 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी मौजूद था। वर्तमान में डेम में 322 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध है।

लगभग 88 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी किसानों को पलेवा में सिंचाई के लिये दिया गया है। डेम से किसानों को पलेवा के बाद तीन किश्तों में पानी सिंचाई के लिये दिया जाता है। किसानों की डिमाण्ड को देखते हुए डेम प्रबंधन ने सिंचाई के लिये पहला पानी किसानों तक पहुँचाना आरंभ कर दिया है।

पूरी रफ्तार से चल रहीं नहरें : भीमगढ़ बांध की आरबीसी नहर से 700 क्यूसेक और एलबीसी नहर से 300 क्यूसेक पानी प्रति सेकेण्ड छोड़ा जा रहा है। पूरी रफ्तार के साथ नहरों में पानी पहुँच रहा है। टेल क्षेत्र तक पानी पहुँचने में दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है। इस बार अच्छी बारिश से पर्याप्त जल भराव होने के कारण किसानों को पानी देने में डेम प्रबंधन को मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी डेम से उपलब्ध कराया जा रहा है।