मकर संक्रांति आज, सूर्य पहुँचेंगे पुत्र शनि के घर

 

आज मकर राशि में प्रवेश कर जायेंगे सूर्यनारायण, साल भर में गुजरते हैं 12 राशियों से होकर

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। अमूमन मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस बार यह एक दिन बाद 15 जनवरी को मनाया जा रहा है। भगवान भास्कर 14 व 15 जनवरी की दरमियानी रात 02 बजकर 06 मिनिट पर अपने पुत्र शनि के घर मकर राशि में पहुँचेंगे। इस कारण इस बार मकर संक्रांति का पुण्य पर्वकाल 15 जनवरी को रहेगा।

मराही माता स्थित कपीश्वर हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी उपेंद्र महाराज के अनुसार इस बार भगवान भास्कर अपने पुत्र और न्याय के देवता शनि के धर पर मकर राशि में 10 दिनों तक रहेंगे। शनिदेव के घर मकर राशि में सूर्यदेव के पहुँचने पर वहाँ शनिदेव भी मिलेंगे। ऐसा मौका 30 साल बाद आ रहा है। 10 दिन तक सूर्य और शनिदेव एक ही घर में साथ – साथ रहेंगे। इसके बाद शनिदेव मकर राशि को छोड़कर 24 जनवरी को अपने दूसरे घर यानि की कुंभ राशि में चले जायेंगे।

साल में सभी राशियों से होकर गुजरते हैं भगवान भास्कर : उन्होंने बताया कि सूर्य नारायण एक साल में सभी 12 राशियों से होकर गुजरते हैं। इस दौरान सूर्य जब मकर राशि में आते हैं तब मकर संक्रांति बनायी जाती है। हिंदुओं में मकर संक्रांति का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इस दिन देवता पृथ्वी पर उतरकर गंगा, यमुना, कृष्णा गोदावरी जैसी पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।

इससे इन पवित्र नदियों में स्नान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण होने से देवताओं के दिन प्रारंभ हो जाते हैं। साथ ही विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य भी प्रांरभ हो जाते हैं। माना जाता है कि महाभारत काल में भीष्म पितामह ने मकर संक्रांति के दिन ही बाणों की शैय्या पर लेटे हुए अपनी देह त्यागने के लिये इसी दिन का इंतजार किया था।

दिन होने लगेंगे बड़े : मकर संक्रांति के साथ ही दिन अब तिल तिल यानि धीरे – धीरे बड़े होने लगेंगे जबकि रात धीरे – धीरे छोटी होने लगेंगी। साथ ही मकर संक्रांति के साथ ही सर्दी का प्रभाव कम होना भी प्रारंभ हो जायेगा।

यह है स्नान का सही समय : 14 जनवरी की रात्रि 02 बजकर 06 मिनिट पर धनु से सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। दूसरे दिन यानि 15 जनवरी को प्रातःकाल पुण्य पर्वकाल सुबह 07 बजकर 19 मिनिट से प्रांरभ होकर 12 बजकर 31 मिनिट तक रहेगा। विशेष पुण्य पर्वकाल सुबह 07 बजकर 19 मिनिट से सुबह 09 बजकर 30 मिनिट तक रहेगा। यह स्नान और दान पुण्य करने का श्रेष्ठ समय होता है। इस दिन तिल, खिचड़ी, गुड़, कंबल आदि दान किया जाता है।

राशि के अनुसार करें दान : मराही माता स्थित कपीश्वर हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी उपेंद्र महाराज ने बताया कि इस दिन राशि के हिसाब से दान किया जाना शुभ होता है। मेष राशि वाले गुड़, मूंगफली, दाने एवं तिल का दान करें। वृषभ राशि वाले सफेद कपड़ा, दही एवं तिल का दान करें।

मिथुन राशि वाले मूंगदाल, चावल एवं कंबल का दान करें। कर्क राशि वाले चावल, चांदी एवं सफेद तिल का दान करें। सिंह राशि वाले तांबा, गेहूं एवं सोने के मोती का दान करें। कन्या राशि वाले खिचड़ी, कंबल एवं हरे कपड़े का दान करें। तुला राशि वाले सफेद डायमण्ड, शक्कर एवं कंबल का दान करें।

वृश्चिक राशि वाले मूंगा, लाल कपड़ा एवं तिल का दान करें। धनु राशि वाले पीला कपड़ा, खड़ी हल्दी एवं सोने का मोती दान करें। मकर राशि वालों को काला कंबल, तेल एवं काली तिल का दान करना चाहिये। कुंभ राशि वालों को काला कपड़ा, काली उड़द, खिचड़ी एवं तिल दान करना चाहिये एवं मीन राशि वालों को रेशमी कपड़ा, चने की दाल, चावल एवं तिल दान करना चाहिये।