सीएम वचन पूरे कर रहे, इससे भाजपा की बढ़ रही बेचैनी!

 

 

काँग्रेस ने भाजपा को इशारों ही इशारों में घेरा

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। कमल नाथ के नेतृत्व में काँग्रेस सरकार एक-एक वचन पूरे कर रहे है जिस कारण से भारतीय जनता पार्टी में बेचैनी बढ़ रही है।

उक्ताशय की बात जिला काँग्रेस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कही गई है। विज्ञप्ति के अनुसार भाजापा के लोग सपने में भी नही सोच सकते की प्रदेश का खाजाना खाली होने के बाद भी कमल नाथ चुनाव में किये वचन पूरे कर रहे है। 15 दिनों में कमल नाथ की सरकार गिराने का दावा करने वाले सरकार के शानदार एक वर्ष पूरे होने पर सदमे में है।

भाजापा के कहना साफ हर किसान का कर्जा माफ का नारा देकर सत्ता में आने वाले भाजापाईयों ने किसानों का 50 हजार रूपये का कर्ज माफ नहीं किया। यदि किसानों की इतनी चिंता थी तो मध्यप्रदेश में अति वृष्टि से लगभग 06 हजार करोड़ रूपये की नुकसानी पर केन्द्र पर बैठी भाजापा सरकार ने केवल एक हजार करोड़ रूपये की ही मदद की।

विज्ञप्ति के अनुसार तब भाजापा के 28 संासद चुप्पी साधे रहे और आज किसानो के नाम पर कलेक्टर कार्यालय घेराव करने वाले भाजापा के सूरमा किस बिल में छिप गये थे। पूरे प्रदेश में कमल नाथ की सरकार द्वारा कर्ज माफी के प्रथम चरण में 21 लाख किसानों का 7 हजार एक सौ करोड़ रूपये एवं सिवनी जिले के 48 हजार 582 किसानों का कर्ज माफ किया गया। दूसरे चरण की कर्ज माफी का कार्य प्रारंभ हो गया है। बार-बार भाजापा द्वारा झूठ फैलाया जा रहा है कि प्रदेेश में किसानों का कर्ज माफ नही हुआ।

विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भाजापा जिलाध्यक्ष ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति मंे साफ झूठ बोला है आकडे़ उठा कर देख ले प्रदेश में कमल नाथ की सरकार बनने के बाद मध्य प्रदेश मे अपराधों में कमी आई है। भाजापा के लोग भू माफिया, मिलावट खोर, ब्याज खोर, अतिक्रमण कारी, ड्रग्स माफिया, पर कि जा रही कमल नाथ सरकार कर द्वारा ताबड़ तोड़ कार्यवाही से भयभीत है बीते 15 वर्षो मंे भाजापा की सरकार द्वारा इन सब लोगों को संरक्षण दिया गया था।

काँग्रेस प्रवक्ता राजिक अकील ने कहा कि भाजापा के लोगो द्वारा राजगढ़ की महिला अधिकारी पर देश के संविधान और अपने कर्त्तव्यो को तिलांजलि की बात कही है जबकि उन महिला अधिकारियों ने संविधान व अपने कर्त्तव्यों का निर्वाहन व खूबी किया है। उनके जज्बे को पूरा देश सलाम कर रहा है। कानून का उल्घंन करना भाजापा की पुरानी आदत है यदि 144 धारा राजगढ़ में लगी थी तो भाजापा के लोगो को बिना अनुमति के रैली निकालने की क्या आवश्यकता थी। उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थ्तिि में भाजापा के पूर्व मंत्री बद्री लाल यादव द्वारा महिला अधिकारियों को मंच से अपमान जनक टिप्पणी दर्शती है कि भाजापाईयों में चिंन्मया नंद और सेंगर जैसे लोगो की सोच इनके अंदर समाहित है 24 जनवरी को भाजापा के कलेक्टर कार्यालय घेराव ेरैली में शामिल होने वाले प्रत्येक पुरूष एवं महिलाओं का नारी समाज के प्रति कितनी घृणा भरी है यह दृष्टिकोण स्पष्ट