करॉना वायरस बन सकता है वैश्विक महामारी

 

चीन के ऐक्शन पर सबकी निगाहें

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। करॉना वायरस क्या वैश्विक महामारी के रूप में तब्दील होने की कगार पर है? यह आशंका तब जताई जाने लगी है जब यह विश्व की सबसे घनी आबादी वाले देश चीन के सभी राज्यों में फैल चुका है और यहां से जा रहे यात्रियों के माध्यम से दूसरे देशों में इसने दस्तक दे दी है।

अकेले चीन में करॉना ने 100 ज्यादा जिंदगियां लील ली हैं और 4515 लोग इसके प्रभाव में हैं। वहीं,अब तक जर्मनी, फ्रांस, साउथ कोरिया, जापान, नेपाल, थाइलैंड, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, सिंगापुर और वियतनाम ने अपने देशों में करॉना के केस की पुष्टि हो चुकी है। जबकि भारत और पाकिस्तान सहित कई देश जहां इसकी पुष्टि नहीं हुई है वे चीन से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी कर रहे हैं।

वैश्विक महामारी? रहें तैयार : उधर, हॉन्ग कॉन्ग यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने डब्ल्यूएचओ को वायरस के प्रसार को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की है। उनका मानना है कि करॉना के संक्रमण में आए लोगों की संख्या 25 से 26 हजार हो सकती है। यूनिवर्सिटी के मेडिसिन डिपार्टमेंट के डीन गैबरियल लियुंग और विशेषज्ञ जोसेफ वु ने कहा कि हमें तैयार रहना होगा क्योंकि यह महामारी, वैश्विक महामारी बन सकती है।

उल्लेखनीय है कि यह एक संक्रामक रोग है और उससे बचने के लिए हुबेई प्रांत के करीब 20 शहरों को सील कर दिया गया है और 5.6 करोड़ लोग लगभग बंद की स्थिति का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द ही यह महामारी पेइचिंग, शंघाई, शेनजेन और ग्वांजाउ में तेजी से अपने पांव पसारेगी।

वुहान बंद, लेकिन खतरा नहीं टला : वायरस का केंद्र हुबेई की राजधानी वुहान को सील कर घरेलू व दूसरे देशों के यात्रियों को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा, लेकिन क्या सिर्फ ऐसा कर देने भर से इसका प्रसार रुक जाएगा। डब्ल्यूएचओ के ताजा अनुमान की मानें तो खतरा कहीं व्यापक है। वैश्विक महामारी घोषित करने के लिए उत्तरदायी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में इसे सामान्य बीमारी बता इसे बड़ा खतरा मानने से इनकार कर दिया था। अब उसने अपने ताजा बयान में कहा है कि गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को ग्लोबल रिस्क को लेकर मेरा अनुमान त्रुटिपूर्ण था।

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