फंड की कमी से बेरोजगारों की काउंसलिंग नहीं करा पा रहा रोजगार कार्यालय

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। बेरोजगारों के लिए नौकरी का एक सहारा रहा जिला रोजगार कार्यालाय इन दिनों अपने ही अस्तित्व को बचाने के लिए जूझ रहा है। कटंगा स्थित उद्योग भवन में संचालित कार्यालय में बेरोजगार तो पहुंचते हैं लेकिन उन्हे ऑनलाइन आवेदन करने को कहकर चलता करा दिया जाता है। पिछले कई वर्षों से शहरी और ग्रामीण युवाओं को काउंसलिंग के माध्यम से रोजगार के लिए प्रेरित करने के अलावा जॉब फेयर का आयोजन भी जिला रोजगारा कार्यालय से किया जाता रहा है। इन दिनों स्थिति यह हो गई है जिला रोजगार विभाग में फंड ही नहीं है। इस कारण पिछले एक वर्ष से बेरोजगारों की काउंसलिंग तक नहीं हो पा रही है।

रोजगार दिलाने वाले ही बैठे बेरोजगारः

विगत वर्ष शासन ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर छात्र-छात्राओं और बेरोजगारों की काउंसलिंग के लिए निजी संस्थाओं को अधिकृत किया था। इन संस्थाओं के काउंसर, विषय विशेषज्ञ भी एक-दो बार काउंसलिंग कर खुद बेरोजगार बैठे हैं। निजी संस्थाओं द्वारा भी इन दिनों काउंसलिंग का कार्य नहीं किया जा रहा है। इसके पीछे भी फंड नहीं होना बताया जा रहा है। जबकि रोजगार विभाग द्वारा संविदा आधार पर भत्ते में काउंसलिंग के लिए रखे गए कर्मियों को भी किसी प्रकार का काम विभाग नहीं दे पा रहा है। रोजगार कार्यालय की टीम कॉलेज और स्कूलों में जाकर काउंसलिंग करती थी लेकिन एक साल में किसी भी कॉलेज या स्कूल में टीम को नहीं भेजा गया है।

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