‘हांफते हुए फोन आया कि लोग मार डालेंगे, मदद करो’…

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। बुधवार सुबह 8 बजे फोन आया, तब रवि हांफते हुए फोन पर कह रहा था कि ये लोग मार डालेंगे, मदद करो।

गणेश का सिर ग्रामीणों ने पत्थर से कुचलकर उसे मौत के घाट उतार दिया है। बाकी लोगों को भी सभी झुंड में पीट रहे हैं, साथ में आए सभी की हालत खराब है, वे मुझे भी मार डालेंगे। इसके बाद फोन कट गया। पूरा परिवार घबरा गया, घर की महिलाएं रोने लगीं।

सभी अपने-अपने साधनों से घटना वाले गांव रवाना हुए। वहां पहुंचे तो पता चला कि गणेश की मौत हो चुकी है और सभी घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया है। वहां से चोइथराम अस्पताल पहुंचे तो सभी को भर्ती पाया।

यह बात रवींद्र पिता शंकरलाल पटेल निवासी लिंबा पिपलिया के भाई विक्रम पटेल ने बताई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कर लिया है। परिवार वालों को किसी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन, पुलिस और मंत्री ही उनसे मुलाकात कर रहे हैं।
विक्रम ने बताया कि रवींद्र सहित छह किसान जगदीश पिता राधेश्याम शर्मा, जगदीश पिता पूनमचंद शर्मा, गणेश, विनोद और नरेंद्र शर्मा साथ में बुधवार सुबह 4 बजे एक साथ कार में रवाना हुए थे। विनोद और गणेश एक ही गांव शिवपुरखेड़ी के रहने वाले हैं और अन्य चार लिंबा पिपलिया के हैं।

सभी किसानों के तीन लाख रुपए मजदूर लेकर चले गए थे। गेहूं की फसल का समय है, सिंचाई कराने के लिए मजदूरों को उनके गांव से लेकर आए थे। सभी किसानों ने उन्हें 50-50 हजार रुपए दिए थे। मजदूरों ने दो-चार दिन काम किया और भाग गए। उन्हें लगातार फोन कर वापस बुलाया, लेकिन नहीं आए। जब उन्हें लगा कि बात बढ़ गई है तो मजदूरों ने खुद फोन कर अपने गांव बुलाया और वहां जान से मारने की योजना बनाई।

बेहोशी की हालत में दो घंटे पड़े रहे किसान

घायल जगदीश पिता राधेश्याम शर्मा के साढ़ू मुकेश मेहता ने बताया कि जब सभी के साथ मारपीट हो रही थी तो इनके मोबाइल, रुपए सहित सभी सामान छुड़ा लिए गए थे। इनके पास फोन करने के लिए भी कोई साधन नहीं था। बाद में पता चला कि सभी घायल दो घंटे तक बेहोशी की हालत में ही लोग पड़े रहे। पुलिस ने भी मनावर अस्पताल में घायलों को भर्ती करा दिया। सूचना मिली तो घायलों को मनावर अस्पताल में पाया। यहां से सभी को इंदौर लेकर आए और चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस की निगरानी में हैं सभी घायल, स्वजन को भी नहीं मिलने दे रहा प्रशासन

घायलों को पुलिस की निगरानी में रखा गया है। चारों किसानों की हालत गंभीर है। स्वजन को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। प्रशासनिक अफसरों ने घायलों के बयान लिए हैं। हालांकि पुलिस भी घायलों के पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है। कलेक्टर, डीआईजी एडीएम, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी गुरुवार सुबह चोइथराम अस्पताल पहुंचे और घायलों से बातचीत की। घायलों के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

 

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