अनुपयोगी योजनाओं की होगी समीक्षा

 

एक मुर्गा, 40 चूजे देने वाली योजना होगी बंद!

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। केंद्र सरकार की ओर से कटौती के बाद कई बरसों पुरानी ऐसी योजनाएं जिनका लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा है। उन पर राज्य सरकार ने ध्यान देना शुरू कर दिया है।

बताया जाता है कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की ओर से 14 हजार 233 करोड़ रुपए की कटौती होने के बाद अपने यहां चल रहीं उन अनुपयोगी योजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है, जिसमें केंद्र और राज्य के अंश के साथ हितग्राही का पैसा तो लगता है, लेकिन उनका कारगर फायदा नहीं मिला। साथ ही ये ऐसी योजनाएं हैं, जो बरसों से चल रही हैं।

सामने आ रही जानकारी के अनुसार अब मप्र सरकार ऐसी स्कीमों को बंद कर उन योजनाओं पर ध्यान देगी, जिनका सीधा फायदा गरीब, आदिवासियों को मिले।

ये बातें वित्त विभाग की प्रारंभ जानकारी में सामने आईं हैं। जो कुछ योजनाएं सामने आई हैं उनमें बीपीएल व्यक्ति को स्वरोजगार के लिए एक मुर्गा और 28 दिन के रंगीन 40 चूजे देने, बाल काटने और बर्तन बनाने वाले को आर्थिक अनुदान जैसी योजनाएं शामिल हैं।

दरअसल राज्य सरकार की सोच है किये ऐसी स्कीमें हैं, जो गरीब तबके को सक्षम बनाने में अनुपयोगी साबित हो रही हैं। जिसके चलते शासन ने इन स्कीमों को लेकर वरिष्ठ आईएएस अफसरों की अध्यक्षता में पांच कमेटियां बनाई हैं, जो 18 फरवरी तक रिपोर्ट देंगी।

ये हैं कमेटियों में : इन कमेटियों की मॉनिटरिंग मुख्य सचिव एसआर मोहंती करेंगे। पांच कमेटियों का जिम्मा जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव एम गोपाल रेड्डी, खाद्य एवं प्रसंस्करण के अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग जैन शामिल हैं।

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