प्रदर्शनी में बज रहे कानफाड़ू आवाज़ में गाने!

 

प्रशासन ने किया ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध जारी

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। वार्षिक परीक्षाएं अब नज़दीक आ चुकी हैं। विद्यार्थी पूरी तन्मयता के साथ परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे दिख रहे हैं। परीक्षाओं के बीच शहर में चल रही प्रदर्शनी विद्यार्थियों का ध्यान भटकाती भी दिख रही है। परीक्षाओं के आसपास प्रदर्शनी को अनुमति दिये जाने से तरह – तरह की चर्चाएं भी चलने लगी हैं।

सर्किट हाउस चौराहा पर एक प्रदर्शनी कुछ दिनों से लगी हुई है। शाम ढलते ही इस प्रदर्शनी में कानफाड़ू आवाज़ में गाने बजना आरंभ हो जाते हैं। यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि इस प्रदर्शनी के मुख्य द्वार से महज़ दस मीटर की दूरी पर जिला अस्पताल का शांत क्षेत्र वाला बोर्ड भी लगा हुआ है। रात दस बजे के बाद भी यहाँ कोलाहल सुना जा सकता है। इस प्रदर्शनी से महज़ सौ मीटर की दूरी पर पुलिस लाईन में एक शाला भी है एवं लगभग दो सौ मीटर पर महात्मा गांधी स्कूल भी स्थित है। इसके पीछे वाले हिस्से में महज़ सौ मीटर पर मिशन इंग्लिश स्कूल स्थित है।

बृहस्पतिवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रवीण सिंह द्वारा निकट भविष्य में विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाओं के मद्देनज़र ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गये हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 04, 05 एवं 06 तहत जारी आदेश के अनुसार सिवनी जिले की राजस्व सीमा में प्रतिदिन ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग से उत्पन्न कोलाहल जो मानसिक या शारीरिक क्लेश पहुँचाती हो अथवा जो विद्यार्थियों के अध्ययन में बाधा डालती हो या ऐसी बाधा की संभावना हो, ऐसा कोलाहल न किया जायेगा और न ही करवाया जायेगा।

धारा 04 के अनुसार प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे के बीच के समय में स्टीरियो, टेप, डेस्क, डी.जे. रिकॉर्ड प्लेयर, घरेलू वाद्य यंत्रों, उपकरणों या सिनेमा अथवा अन्य विज्ञापनों के लिये लाउड स्पीकर जैसे उच्च ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग न तो किया जायेगा और न ही करवाया जायेगा।

अधिनियम की धारा 05 के तहत सिनेमा, किसी मनोरंजन एवं व्यापार या कारोबार का विज्ञापन करने के प्रयोजनों के लिये या किसी अन्य वाणिज्यिक आख्यापन के लिये तीव्र संगीत को ध्वनि विस्तारक से न तो चलाया जायेगा और न ही चलवाया जायेगा। इसी प्रकार किसी लोक स्थान या खुले स्थान, कोई सड़क या मार्ग, दुकानें, होटल, उपाहार गृह में ट्रांजिस्टर, रिकॉर्ड प्लेयर, टेप स्टीरियो से न तो तीव्र संगीत चलाया या चलवाया नहीं जायेगा और न ही कोई विद्युत या यांत्रिक भोपू हॉर्न को ऊँची आवाज में बजायेगा।

धारा 06 के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्था, छात्रावास अथवा विद्यार्थियों के अध्ययनरत किसी भवनों से 200 मीटर की दूरी के भीतर उक्त वर्णित ध्वनि विस्तारक को न तो बजाया जायेगा और न ही बजवाया जायेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इलेक्ट्रिकल्स, बिछायत केन्द्रों में प्रचारार्थ लाउड स्पीकरों एवं धार्मिक स्थलों पर वाद्य यंत्रों से उच्च संगीत को निषेध किया गया है।

उपरोक्त अधिनियम की धारा 13(1) एवं (2) के तहत राष्ट्रीय और सामाजिक समारोहों तथा धार्मिक उत्सवों के अवसरों तथा धार्मिक स्थानों तथा परिसरों पर छूट होने पर भी संबंधित क्षेत्र के विहित प्राधिकारी तथा संबंधित थाना क्षेत्र के माध्यम से लिखित आवेदन पर ऐसी कालावधि के लिये अनुज्ञा में विनिर्दिष्ट की जायेगी। उक्त अधिनियम की धारा 4, 5, 6 तथा 7 के उपबंधों से छूट दे सकेगा जो केवल एक चौथाई वॉल्यूम पर उपयोग किया जा सकेगा।

उक्त वर्णित उपबंधों में से किसी भी उपबंधों के उल्लंघन करने या उल्लंघन का प्रयत्न करने या दुष्प्रेरण करने पर छः माह तक के कारावास या एक हजार रूपये जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। इसके पश्चात पुनः अपराध करने पर प्रथम दोष सिद्ध पर दोगुने दण्ड से दण्डनीय होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा जो 31 मई तक सिवनी जिले की संपूर्ण सीमा क्षेत्र में लागू रहेगा।

 

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