मीटर रीडिंग का भी मैसेज भेजा जाये!

 

विद्युत विभाग के द्वारा अपने उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग का मैसेज भी उनके मोबाइल नंबर पर भेजा जाना चाहिये और इसी संबंध में मैं अपनी बात इस स्तंभ में रखना चाहता हूँ।

विद्युत विभाग के द्वारा अपने उपभोक्ताओं के नंबर रजिस्टर किये गये हैं। इन नंबरों पर इस विभाग के द्वारा मासिक देयक का मैसेज भी भेजा जाता है जिसके माध्यम से उपभोक्ताओं को बिल आने की चिंता नहीं रहती है और उनके द्वारा भुगतान कर दिया जाता है। इसी तरह विद्युत विभाग के द्वारा मीटर रीडिंग का बिल भी आवश्यक रूप से मैसेज के जरिये भेजा जाना चाहिये।

दरअसल आजकल विद्युत के मीटर घर के बाहर लगा दिये गये हैं। मीटर वाचक इनकी रीडिंग करके बाहर के बाहर ही चले जाते हैं और उपभोक्ता को पता ही नहीं चल पाता है कि उसके मीटर की रीडिंग कर ली गयी है। कई बार तो मीटर वाचक आते ही नहीं हैं जिसके कारण उपभोक्ता को बिल तो भेजा जाता है लेकिन वह बिल वास्तविक खपत के आधार पर नहीं होता है।

इसके बाद जब मीटर की रीडिंग की जाती है तो पिछली खपत को भी वर्तमान के साथ जोड़ दिया जाता है जिसके कारण उपभोक्ता पर आर्थिक रूप से अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। इसके साथ ही 100-150 यूनिट वाली योजना का लाभ पाने से भी उपभोक्ता वंचित हो जाता है। मीटर वाचक की लेट लतीफी या गैर जिम्मेदाराना वाचन प्रणाली का खामियाज़ा निरीह उपभोक्ता को उठाना पड़ता है।

यदि विभाग के द्वारा मीटर रीडिंग का मैसेज भी उपभोक्ता के रजिस्टर्ड नंबर पर भेजा जाने लगे तो लोगों को यह जानकारी स्वतः ही हो जायेगी कि उनके मीटर की रीडिंग हो चुकी है। यदि मैसेज में मीटर की वर्तमान रीडिंग भेजा जाना संभव नहीं भी है तो मैसेज के जरिये इतनी सूचना तो दी ही जा सकती है कि उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग कर ली गयी है। वैसे, यदि यह सुविधा आरंभ की जाती है तो उसमें मीटर रीडिंग दर्ज करने से लोगों को बिल आने से पहले ही बिजली की खपत का अनुमान मिल जायेगा। विद्युत विभाग से अपेक्षा है कि उसके द्वारा इस सुविधा को आरंभ करने की दिशा में पहल अवश्य की जायेगी।

तीरथ विश्वकर्मा

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