नर्मदा गो कुंभ के बहाने ‘हिंदू कार्ड’ को टक्कर दे रही कांग्रेस

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। नगर निगम के चुनाव से पहले नर्मदा गो कुंभ कांग्रेस के लिए सॉफ्ट हिंदुत्व का बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है। इस आयोजन के जरिए कांग्रेस ने हिंदू कार्डको साधने की कोशिश की है। कांग्रेस द्वारा खेले गए इस हिंदुत्व कार्ड के बाद भाजपा के नेताओं में खलबली मच गई है, क्योंकि भाजपा अभी तक इसी ट्रंप कार्ड के जरिए कांग्रेस को घेरती रही है। गो कुंभ में भीड़ देख भाजपा नेता कांग्रेस के इस कार्ड का तोड़ निकालने मंथन करने लगे हैं। हालांकि अभी आयोजन पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

ग्वारीघाट में आयोजित नर्मदा गोकुंभ को लेकर वित्त मंत्री तरुण भनोत की सक्रियता कुछ ज्यादा ही दिख रही है। मुख्ममंत्री की तरफ से भी आयोजन को लेकर वित्त मंत्री को फ्री हैंड दिया गया है। हालांकि सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन मंत्री लखन घनघोरिया भी आयोजन में रुचि दिखा रहे हैं। गोकुंभ के सहारे वित्त मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में करीब सात दिन तक देश-प्रदेशभर से जन सैलाब उमड़ेगा। इससे शहर की ब्रांडिंग के साथ यहां आय भी बढ़ेगी। इससे पहले भी नर्मदा गोकुंभ हो चुका है, लेकिन किसी तरह की कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाई। इसकी वजह से आयोजन महज औपचारिकता बनकर रह जाता था। इस बार सरकार ने 2 करोड़ रुपए सहयोग दिया। शहर के हर तरफ भव्य मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए है। स्टेशन, बस स्टैंड हर जगह नर्मदा गोकुंभ के लिए साज-सज्जा की गई है।

भाजपा ने बनाई दूरीः

विपक्ष में होने की वजह से भाजपा नेताओं ने नर्मदा गोकुंभ से दूरियां बनाई हुई है। सार्वजनिक तौर पर नेता आयोजन को लेकर सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं, लेकिन अंदर खेमे में इस आयोजन की काट खोजने का प्रयास हो रहा है। इससे पहले ओशो महोत्सव के जरिए भी सरकार ने शहर की ब्रांडिंग देश-विदेश में की। सैकड़ों विदेशियों को जबलपुर में लाया गया। अब नर्मदा गोकुंभ भी उसी अंदाज में किया जा रहा है।