हबीबगंज से बीना तक चलाई 5 हजार टन कोयले से भरी 59 वैगन की पिंक मालगाड़ी

 

इसमें लोको पायलट से गार्ड तक सभी महिलाएं

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। भोपाल रेल मंडल में वैसे तो हर दिन महिला लोको पायलट द्वारा ट्रेन का संचालन किया जाता है लेकिन रविवार को दिन उनके लिए थोड़ा अलग रहा।

दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर भोपाल रेल मण्डल द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में पहल कर पिंक ट्रेन (मालगाड़ी) का संचालन किया गया। 5 हजार टन कोयले से भरी 59 वैगन की इस मालगाड़ी में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट व गार्ड महिलाएं ही थीं। इस ट्रेन को सुबह 10 बजे हबीबगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 से डीआरएम उदय बोरवणकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

लोको पायलट द्वारा इस मालगाड़ी को हबीबगंज से बीना स्टेशन तक ले जाया गया। इस मालगाड़ी में महिला लोको पायलट नूतन कुमारी, सहायक लोको पायलट नेहा श्रीवास्तव और गार्ड पूजा कुमारी थीं। नूतन ने बताया कि रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी कार्यकुशलता से सफलतापूर्वक कर्तव्य का निर्वहन किया है। हमें मालगाड़ी के परिचालन की जिम्मेदारी दी गई है, हमारा दायित्व है कि हम इसे गंतव्य स्थान तक सभी सुरक्षा एवं संरक्षा नियमों का पालन करते हुए सफलतापूर्वक पहुचाएं। भोपाल रेल मंडल की इस पहल से रेल संचालन की पूरी कमान महिला कर्मियों के हाथ में होने से उन्होंने अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

फिलहाल सिर्फ महिला लोको पायलट सिर्फ मालगाड़ी का ही संचालन कर रही हैं, डीआरएम का कहना है कि यही लोको पायलट प्रमोट होकर हाई स्पीड, मेल-एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का भी संचालन करेंगी। जानकारी के मुताबिक भोपाल रेल मंडल में करीब दो हजार से अधिक का रनिंग स्टाफ (लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गार्ड) है। मंडल के भोपाल, इटारसी, बीना और गुना स्थित रनिंग स्टाफ डिपो से करीब 170 गाडिय़ों का संचालन करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रविवार को हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला जवानों ने स्टेशन परिसर में अवेयरनेस रैली निकालकर महिला यात्रियों की सुरक्षा व उनके अधिकारों को लेकर जानकारी दी। इस रैली में भोपाल रेल मंडल के विभिन्न आरपीएफ पोस्ट पर पदस्थ महिला जवान शामिल हुईं। वहीं रात के वक्त डीआरएम उदय बोरवणकर ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर भोपाल एक्सप्रेस में यात्रा कर रहीं महिला यात्रियों को फूल देकर सम्मानित किया।