मण्डी में व्यापारी नहीं लगायेंगे बोली

 

 

कोरोना वायरस को देखते हुए व्यापािरयों ने लिया फैसला

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। कृषि उपज मण्डी प्रांगण मंे 19 मार्च में व्यापारी उपज की बोली नहीं लगायेंगे। इसकी लिखित सूचना व्यापारियों ने मण्डी सचिव सुरेश कुमार परते को दे दी हैं। देशभर में फैले कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए मण्डी के व्यापारियों ने यह निर्णय लिया है।

मण्डी समिति के पूर्व सदस्य व व्यापारी नरेश अग्रवाल ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐहतियात के तौर पर व्यापारियों ने 19 मार्च से मण्डी प्रांगण में खरीदी बंद करने का फैसला लिया हैं। इसी जानकारी मण्डी सचिव को दे दी गयी हैं। 

व्यापारियों द्वारा मण्डी सचिव को दिये गये पत्र में कहा गया है कि मण्डी प्रांगण में भीड़ रहने के साथ ही यहा दूसरे प्रदेशों से ट्रक ड्राइवर, क्लीनर पहुँचते हैं। इसके अलावा अन्य वाहन चालक, हमाल, किसान, व्यापारी, मजदूर आदि की उपस्थिति बड़ी संख्या में रहती हैं। इससे संक्रमण की संभावना बनी हुई हैं। कृषि उपज मण्डी में न तो सभी को मास्क दिया जा सकता है। न ही सेनेटाइज़र से हाथ साफ कराने की व्यवस्था हैं। ऐसे में मण्डी में बोली बंद रखना उचित होगा।

मण्डी समिति के पूर्व सदस्य व व्यापारी नरेश अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण पोल्ट्री व्यवसाय लगभग बंद होने की कगार पर है। इस कारण मक्का का व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। मण्डी में कार्यरत व्यापारियों का बाहर से बड़े व्यापारियों व कंपनियों से भुगतान नहीं मिल रहा हैं। ऐसे में मण्डी में भुगतान का भी संकट गहराता जा रहा हैं। ऐसे में मण्डी का संचालन संभव नहीं हैं।

व्यापारियों ने मंाग की है कि संकट की घडी में मण्डी कानून के पालन में नरमी लाते हुए छोटे व्यापारियों को किसानों से उनकी उपज गाँव या अन्य उपयुक्त स्थानों पर सीमित मात्रा में खरीदने की छूट दी जाये ताकि किसानों को परेशानी से बचाया जा सके। साथ ही एक जगह पर भीड़ से बचा जा सकेगा। स्थिति में सुधार होते ही मण्डी को पुनः प्रांरभ करने की बात पत्र में कही गयी है।