गोएयर ने अपने कर्मचारियों को दी मार्च की कटी हुई सैलरी

(ब्‍यूरो कार्यालय)

मुंबई (साई)। कोरोना वायरस की सबसे पहले मार पड़ी विमानन कंपनियों पर। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने 25 मार्च से ही फ्लाइट्स को निलंबित कर दिया था। इस स्थिति के बाद चार भारतीय एयरलाइंस – गोएयर, इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट ने अपने कर्मचारियों के लिए वेतन कटौती की घोषणा की। हालांकि, गोएयर ने मंगलवार को अपने कर्मचारियों को मार्च की सैलरी तो दे दी, लेकिन कटौती के बाद।

लगभग 6000 कर्मचारियों वाली एयरलाइन गोएयर ने कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन कटौती के बारे में नहीं बताया है कि उसने कितनी कटौती की है। सूत्रों के मुताबिक ग्रेड डी और उससे नीचे के सभी कर्मचारियों को उनकी पूरी तनख्वाह मिली है जबकि दूसरों को कम वेतन मिला है।

वहीं एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दूबे ने अपने कर्मचारियों को एक ईमेल में कहा, “हमें अप्रैल में आपकी अर्जित वेतन के एक हिस्से को देने के लिए मजबूर किया गया है। 3 अप्रैल तक आपके GoTeam पोर्टल में आपके द्वारा अर्जित वेतन का विस्तृत विवरण होगा जिसमें मंगलवार को आपको क्या भुगतान किया गया था। दूबे ने अपने कर्मचारियों को जो COVID-19 संकट के परिणामस्वरूप सफर कर रहे  हैं, धन्यवाद दिया।

17 मार्च को  कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की थी

बता दें इससे पहले गोएयर ने 17 मार्च को  कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की थी। सीईओ विनोद दुबे ने इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि यात्रा प्रतिबंधों की वजह से उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है। गोएयर ने पहले ही लागत में कटौती के कुछ उपाय किए हैं। इन उपायों में पायलटों की छुट्टी करना, कर्मचारियों को क्रमिक रूप से अवैतनिक अवकाश पर जाने के लिए कहना और शीर्ष नेतृत्व के वेतन में 50 प्रतिशत तक कटौती का फैसला शामिल है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले इंडिगो के सीईओ रंजय दत्ता ने पिछले हफ्ते कहा था कि कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में 25 प्रतिशत तक की कटौती होगी। एयर इंडिया ने भी कर्मचारियों के भत्तों में कमी करने का ऐलान किया है।