कितने कर्मचारी हैं मुख्यालय से बाहर!

अपडाऊनर्स का अता पता नहीं, घर बैठे पा रहे वेतन

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिलेे में टोटल लॉक डाऊन लागू हुए 26 दिन एवं कर्फ्यू लागू हुए 21 दिन बीत चुके हैं। इन दिनों में कितने सरकारी कर्मचारी अपने मुख्यालय से नदारत हैं, इस बारे में न तो विभागाधिकारियों को चिंता है और न ही प्रशासन ही इस मामले में फिकरमंद प्रतीत हो रहा है।

एक सरकारी कर्मचारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि टोटल लॉक डाऊन की घोषणा 21 मार्च को की गई थी। 21 मार्च को इस घोषणा के बाद छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, जबलपुर, मण्डला आदि जिलों से सिवनी आकर नौकरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों के द्वारा अपने अपने जिलों को कूच कर लिया गया था।

उक्त कर्मचारी का कहना था कि इन सरकारी कर्मचारियों को यह पता नहीं था कि टोटल लॉक डाऊन इस कदर लंबा खिच जाएगा। अब अगर वे अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होना भी चाहें तो चाहकर भी वे जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आश्चर्य तो इस बात पर होता है कि विभागों के जिलाधिकारियों के द्वारा भी अपने मातहत कर्मचारियों की सुध नहीं ली गई है।

उक्त कर्मचारी का कहना था कि विभागों के जिलाधिकारियों की अनुशंसा पर जिला प्रशासन के द्वारा संभागायुक्त के जरिए लगभग आधा दर्जन कर्मचारियों के निलंबन की न केवल अनुशंसा की गई, वरन उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है। इस बारे में जिला जनसंपर्क कार्यालय के जरिए किसी भी तरह की खबर का प्रसारण अब तक नहीं किया जाना भी आश्चर्य जनक ही माना जा रहा है।

वहीं, एक अन्य अधिकारी ने ऑफ द रिकार्ड चर्चा के दौरान कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा अगर आसपास के जिलों से आकर जिले में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची बुलवा ली जाए तो दूध का दूध पानी हो सकता है, बशर्ते उनके मोबाईल की लोकेशन 21 मार्च के उपरांत की निकलवा ली जाए।