क्या गुल खिलाएगा जियो, फेसबुक से मिलकर!

लिमटी की लालटेन 86

(लिमटी खरे)

भारत देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वैसे तो बीएसएनएल है पर अंबानीज की जियो ने इसे भी कई मायानों में पछाड़ दिया है। जियो और दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी फेसबुक के बीच हुए व्यापारिक करार से अब तरह तरह की बातों का बाजार भी गर्माता दिख रहा है।

आज के समय में फेसबुक और व्हाट्सऐप का जादू लोगों के सर चढ़कर बोल रहा है। इसमें से फेसबुक के द्वारा रिलायंस जियो के साथ मिलकर जियो के प्लेटफार्म पर 43 करोड़ रूपए का निवेश करते हुए दस फीसदी हिस्सेदारी लेने की बात कहने के बाद अब टेलीकॉम सेक्टर सहित अनेक सेक्टर्स में लोगों के कान खड़े होना आरंभ हो गए हैं। यह निवेश भले ही बहुत कम आंका जा रहा हो पर यह इस बात को रेखांकित करने के लिए पर्याप्त माना जा सकता है कि दुनिया भर में भारत देश के टेलीकॉम सेक्टर की क्या अहमियत है।

भारत देश में टेलीकॉम सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है जियो, इसके साथ ही फेसबुक को सबसे बड़ा सोशल नेटवर्किंग समूह वाली कंपनी माना जाता है। दोनों ही अगर एक मंच पर आ रहे हैं तो इस बात के गहरे निहितार्थ भी हो सकते हैं। यहां इस बात का ध्यान भी रखना जरूरी है कि फेसबुक की संपत्ति माने जाने वाले व्हाट्सएप के भारत देश में लगभग 40 करोड़ उपभोक्ता हैं जो देश के कुल अस्सी फीसदी मोबाईल के जरिए इससे जुड़े हुए हैं।

व्यापार के कदमताल भांपने वाले जानकारों की मानें तो व्हाट्सऐप की आदत देश के लोगों को ठीक वैसे ही लगाई गई है, जिस तरह भारत पर डेढ़ सौ साल हुकूमत करने वाले ब्रितानी गोरों ने पहले निशुल्क चाय पिलाकर आदत लगाई थी, फिर चाय को बेचना आरंभ किया था। अब व्हाट्सऐप जल्द ही सशुल्क सेवाएं लॉच करने की तैयारी में है। आने वाले समय में जियो की साझेदारी इसमें सामने आ सकती है।

जानकारों का यह भी कहना है कि यह गठबंधन अपने आप में अभूतपूर्व है, जिसके परिणाम कुछ समय बाद लोगों को दिखाई देंगे। आने वाले समय में सूचना, संचार, डिजीटल भुगतान आदि के क्षेत्र में देश के एक ही समूह का दबदबा हो तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। फिलहाल इस साझेदारी को किसानों और छोटे व्यापारियों के हित में बताया जा रहा है, पर इस पर सवालिया निशान तो लग ही रहे हैं।

यह बात अगर देशहित में है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए, पर इस बात का जवाब भी सरकार की ओर से आना चाहिए कि सूचना और मीडिया के क्षेत्र में अ गर किसी की मोनोपली का माहौल बनेगा तो उससे किस तरह निपटा जाएगा! इसके अलावा डाटा और निजिता अर्थात प्राईवेसी का क्या होगा! अव्वल तो पहले ही व्हाट्सऐप के पास देश के लोगों का भारी भरकम डाटा है, इसकी हिफाजत किस तरह होगी यह सवाल भी अनुत्तरित ही है।

इतना ही नहीं इस गठबंधन के बाद उपजी परिस्थितियों में क्या सेवा प्रदाताओं के द्वारा जिम्मेदारी के साथ अपनी जवाबदेहियों का निर्वहन किया जाएगा! इससे कहीं अन्य डिजीटल पेमेंट वाली कंपनियों को दौड़ से बाहर करने का यह कुत्सित प्रयास तो नहीं है! एक तरह से देखा जाए तो संचार क्रांति के इस युग में यह ताकत का यह एक बहुत बड़ा केंद्रीयकरण भी माना जा सकता है। इस बात की गारंटी कौन लेगा कि यह गठबंधन अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएगा!

इस तरह की अनेक आशंकाएं, कुशंकाएं इस गठबंधन के होने के बाद हर भारतीय के मानस पटल पर उभरना स्वाभाविक है, जिसका उचित और माकूल जवाब तलाशे बिना इस गठबंधन के दोनों सदस्यों जियो और फेसबुक को शायद आगे बढ़ने देना मुनासिब नहीं होगा! अगर भारत के लोगों के डेटा और निजता का भविष्य में सियासी दुरूपयोग हुआ तो इसकी जवाबदेही किस पर आहूत होगी, इसका सवाल भी हुक्मरानों को देना चाहिए।

आप अपने घरों में रहें, घरों से बाहर न निकलें, सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात सामाजिक दूरी को बरकरार रखें, शासन, प्रशासन के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए घर पर ही रहें।

(लेखक समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संपादक हैं.)

(साई फीचर्स)

98 thoughts on “क्या गुल खिलाएगा जियो, फेसबुक से मिलकर!

  1. Pingback: buy cheap cialis
  2. Pingback: viagra substitute
  3. The quaternity oral PDE5 inhibitors commercially useable in the U.S.
    are sildenafil (Viagra, Pfizer), vardenafil (Levitra and Staxyn, Bayer/GlaxoSmithKline),
    Cialis (Cialis, Eli Lilly), and a to a greater extent new approved drug,
    avanafil (Stendra, Vivus). The expansion of this family has allowed for greater flexibleness in prescribing founded on mortal response. http://lm360.us/

  4. Undeniably imagine that which you said. Your favourite justification appeared to be at the net the simplest factor to take into account of.
    I say to you, I certainly get annoyed whilst other folks consider concerns that
    they plainly don’t understand about. You managed to hit the nail upon the top and defined out the entire thing without having side-effects , people can take a signal.
    Will probably be again to get more. Thank you https://www.azhydroxychloroquine.com/

  5. Polymorphic epitope,РІ Called thyroid cialis corrupt online uk my letterboxd shuts I havenРІt shunted a urology reversible in about a week and thats because I be experiencing been enchanting aspirin put to use contributes and have on the agenda c trick been associated a piles but you forced to what I specified have been receiving. generic viagra india Cuhdaw gmcugm

  6. Pingback: sildenafil
  7. Pingback: online viagra

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *