सोमवार 29 जून 2020 का प्रदेश स्तरीय आडियो बुलेटिन पढ़िए

नमस्कार, आप सुन रहे हैं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में सोमवार 29 जून 2020 का प्रदेश स्तरीय आडियो बुलेटिन, अब आप रीना सिंह से समाचार सुनिए.
देश में कोरोना के संक्रमित मरीजों की तादाद का आंकड़ा साढ़े पांच लाख को स्पर्श कर गया है। वर्तमान में यह आंकड़ा पांच लाख 50 हजार 01 पहुंच गया है। देश में कुल एक्टिव मरीजों की तादाद से लगभग एक लाख 11 हजार ज्यादा ठीक होने वालों की तादाद हो गई है। देश में अब तक सक्रिय मरीजों की तादाद 02 लाख 11 हजार 61 एवं रिकव्हर्ड मरीजों की तादाद 03 लाख 22 हजार 370 है, एवं जिनका निधन हुआ है उनकी संख्या 16 हजार 504 है। मध्य प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की तादाद से लगभग 07 हजार 539 ज्यादा लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। प्रदेश में आंकड़ा 13 हजार 186 पहुंच गया है, जिसमें एक्टिव मरीजों की तादाद 02 हजार 545, रिकव्हर्ड मरीजों की तादाद 10 हजार 84 एवं जिनका निधन हुआ है उनकी तादाद 557 है।
प्रदेश में दो सौ से ज्यादा मरीजों की तादाद में अब भिण्ड भी शमिल हो गया है। प्रदेश में जिन जिलों में कोरोना के संक्रमित मरीजों की तादाद दो सौ से ज्यादा है उनमें इंदौर में 04 हजार 615, एक्टिव मरीजों की तादाद 978, भोपाल में 02 हजार 740, एक्टिव मरीजों की तादाद 609, उज्जैन में 856, एक्टिव मरीजों की तादाद 32, नीचम में 439 एवं एक्टिव मरीजों की तादाद 25, जबलपुर में कुल मरीजों की संख्या 395 एवं एक्टिव मरीजों की तादाद 72, बुरहानपुर में 392, एक्टिव मरीजों की तादाद 05, ग्वालियर में 351 कुल मरीजों में से 73 सक्रिय मरीज, सागर में 337 कुल एवं एक्टिव मरीजों की तादाद 74, मुरैना में कुल मरीजों की तादाद 325 एवं सक्रिय मरीजों की तादाद 169, खण्डवा में 304 कुल एवं एक्टिव 24, खरगौन में कुल 284 मरीजों में एक्टिव मरीजों की तादाद 29 तथा देवास में 214 कुल संक्रमित मरीजों में से एक्टिव मरीज 32 हैं। प्रदेश में डिंडोरी, अनूपपुर, अलीराजपुर एवं उमरिया में एक्टिव मरीजों की तादाद शून्य है।
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मध्य प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा सोमवार दोपहर अचानक दिल्ली के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर वे दिल्ली पहुंचे हैं। नरोत्तम मिश्रा का आज ग्वालियर जाने का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन दिल्ली आने का निर्देश मिलते ही वे फौरन देश की राजधानी के लिए निकल गए। खबरों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व कैबिनेट विस्तार में आ रही उलझनों के बीच मध्य प्रदेश में नेता बदलने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है और इसी सिलसिले में नरोत्तम मिश्रा को बुलाया गया है। हालांकि, अभी प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कयास ही लग रहे हैं। बीजेपी की ओर से इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और वरिष्ठ नेता सुहास भगत रविवार से ही दिल्ली में हैं। य़े सभी लोग प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विचार-विमर्श के लिए दिल्ली में जमा हैं। सोमवार सुबह पहले खबर आई थी कि केंद्रीय नेताओं के साथ शिवराज की बैठक में संभावित मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए हैं और 30 जून को शपथ ग्रहण की खबरें भी आई थीं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में शिवराज की पसंद के कम से कम पांच नामों को नए मंत्रियों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है, लेकिन ताजा सूचनाओं के अनुसार पार्टी नेतृत्व एमपी में शिवराज की जगह किसी और को कमान देने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
इस साल मार्च महीने में चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान अब तक अपनी कैबिनेट नहीं बना पाए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 पूर्व विधायकों की बीजेपी में प्रवेश से पार्टी नेतृत्व के लिए अलग-अलग धड़ों के बीच संतुलन बिठाना मुश्किल हो रहा है। कैबिनेट विस्तार में यही सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है।
बीते गुरुवार को नरोत्तम मिश्रा के आवास पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे थे। उसी दिन सीएम शिवराज अपने परिवार के साथ तिरुपति यात्रा पर निकले थे। उनकी गैर मौजूदगी में दो मठाधीशों की यह मुलाकात भी काफी चर्चा में रही थी।
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शिवराज सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार अब अंतिम दौर में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को दिल्ली में हैं और उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठकों के बाद मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया। अब शाम चार बजे प्रधानमंत्री के साथ शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात है। इधर, मध्यप्रदेश में मंत्रियों के नामों पर अटकलों का दौर तेज हो गया है।
मध्यप्रदेश में 30 जून को मंत्रिमंडल का विस्तार संभावित है। इससे एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश के राज्यपाल पद का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है। यह प्रभार राज्यपाल लालजी टंडन के अस्पताल में भर्ती होने के कारण दिया गया है। संभावना है कि आनंदीबेन पटेल 30 जून को नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार से ही दिल्ली में हैं। वे पार्टी के आला नेताओं के साथ मैराथन बैठक बैठकें कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक नए मंत्रियों की सूची पर अंतिम मोहर लग गई है। शिवराज की गृहमंत्री अमित शाह के साथ भी लंबी चर्चा हुई, जिसमें नामों को अंतिम रूप दिया गया। चौहान सोमवार शाम को ही भोपाल पहुंच जाएंगे और 30 जून को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
इससे एक दिन पहले रविवार को शिवराज ने संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोश के साथ चर्चा की और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भी मिलने गए। दोनों नेताओं के साथ मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हुई। इसके बाद रविवार शाम को ही आठ बजे पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करने उनके बंगले पर गए। यहां दो घंटे तक दोनों में चर्चा हुई।इसी के बाद रात में गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर पहुंचे, शिवराज के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भी पहुंचे थे। बताया जाता है कि अमित शाह के आवास पर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी पहुंच गए थे। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के लिए क्षेत्र, वर्ग और सबसे अहम उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए नामों पर मंथन हुआ।
फिलहाल शिवराज मंत्रिमंडल में केवल 5 मंत्री हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल में करीब 25 सदस्यों को शामिल किया जाएगा। इसी बीच स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र भी दिल्ली पहुंच गए हैं। शिवराज कैबिनेट में शामिल किए गए पांच मंत्रियों में से तुलसी सिलावट और नरोत्तम मिश्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है।
भोपाल से रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री विश्वास सारंग और एससी कोटे से विष्णु खत्री, रायसेन से पूर्व मंत्री रामपाल सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इंदौर से उषा ठाकुर का नाम सबसे आगे है। इंदौर से ही भाजपा विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़ पर विचार हुआ है।
मालवा निमाड़ से मोहन यादव, चेतन कश्यप, यशपाल सिंह सिसोदिया, आदिवासी कोटे से विजय शाह या प्रेम सिंह पटेल भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। बुंदेलखंड से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ एससी कोटे से हरीशंकर खटीक का नाम भी मंथन में आया है। ग्वालियर चंबल से अरविंद भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया के साथ ओबीसी और नरेंद्र सिंह तोमर के कट्टर समर्थक भारत सिंह कुशवाह का नाम भी शामिल हो सकता है।
विन्ध्य से राजेंद्र शुक्ला या गिरीश गौतम में से किसी एक को मौका मिल सकता है। इसमें पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल को दोबारा भी मंत्री बनाया जा सकता है। ओबीसी कोटे से रामलल्लू वैश्य और एससी से कुंवर सिंह टेकाम के नाम पर भी चर्चा है। महाकौशल से अशोक रोहाणी या अजय विश्नोई में से किसी एक को मौका मिलेगा। पूर्व मंत्री संजय पाठक, गौरीशंकर बिसेन और एसटी कोटे से देवी सिंह सैयाम का नाम पर भी सहमति बन सकती है।
डा. प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग और रणवीर जाटव के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। यह सभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं जो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं।
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मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के अस्वस्थ होने के कारण उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में हैं और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात कर कोरोना की स्थिति और मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा करेंगे। कहा जा रहा है कि शाम को मुख्यमंत्री चौहान नए मंत्रियों की सूची लेकर भोपाल लौट आएंगे। साथ ही मंगलवार को मंत्रिमंडल का विस्तार भी हो जाएगा।
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मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा सरकार को पार्टी में असंतोष बढऩे का अंदेशा है। ऐसे में असंतुष्ट सांसदों और विधायकों को जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष की कुर्सी देने की तैयारी की जा रही है। इनमें से कुछ अध्यक्षों को कैबिनेट या राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। सरकार इसके लिए मानसून सत्र में विधेयक लाकर कानून में संशोधन करने की तैयारी कर रही है।
प्रदेश में 38 जिला सहाकारी बैंक हैं। इनमें से छतरपुर, सतना, सीहोर में अध्यक्ष पदस्थ हैं, जिनका कार्यकाल एक से दो साल तक है। जबकि पन्ना जिला सहकारी बैंक में अध्यक्ष पद को लेकर हाईकोर्ट का स्टे चल रहा है। इसके चलते प्रदेश के सांसद और विधायकों को 34 जिला सहकारी बैंकों, अपेक्स बैंक सहित अन्य सहकारी संस्थाओं में अध्यक्ष और प्रशासक बनाया जा सकेगा। सांसद-विधायक पहले भी इन बैंकों में सदस्य होते थे। इसके बाद सरकार ने इस एक्ट में संशोधन करते हुए इसे हटा दिया था।
बैंकों में अध्यक्ष बनने से पहले विधायक और सांसदों को बैंक का प्राथमिक सदस्य बनना होगा। इसके लिए वे ऋणी और अऋणी सदस्य बन सकेंगे। बताया जाता है कि करीब 50 फीसदी अध्यक्ष विभिन्न जिला सहकारी बैंकों में अभी भी सदस्य हैं। जिनकी सदस्यता समाप्त हो गई है, वे नए सिरे से उसे जीवित करा सकेंगे।
बताया जाता है कि अध्यक्षों की नियुक्ति बैंकों के निर्वाचन के बाद की जा सकेगी। बैंक और सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष का पद लाभ का पद नहीं होने से इसमें सुप्रीम कोर्ट की दोहरे लाभ के पद की गाइडलाइन भी आड़े नहीं आएगी।
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गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया के ग्राम लिधौरा में पौधरोपण किया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे कम से कम पांच पौधे अवश्य लगाएं।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने पौधरोपण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पौधरोपण से हमारी आने वाली पीढ़ियों को निश्चित ही स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है और वृक्षों से ही अच्छी बारिश होती है जिससे कि हमारी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है, इसलिए हम सभी को चाहिए कि हम न केवल पौधरोपण करें बल्कि उनकी सुरक्षा का दायित्व भी लें।
गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि स्वावलंबी महिलाएं परिवार को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। समय की आवश्यकता है कि महिलाओं को आगे आकर स्व-रोजगार की दिशा में बढ़ना होगा। प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और उन्हें स्व-रोजगार से जोड़ने के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है। महिलाएँ आगे आयें और स्व-रोजगार से जुड़कर स्वावलंबी बने, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
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भाई और बहन के प्रेम उत्सव का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन का पर्व इस बार तीन अगस्त को कई शुभ संयोग में मनाया जाएगा। इस बार श्रावणी पूर्णिमा के साथ महीने का श्रावण नक्षत्र भी पड़ रहा है इसलिए पर्व की शुभता और बढ़ जाती है। श्रावणी नक्षत्र का संयोग पूरे दिन रहेगा। हालांकि सुबह सवा सात बजे तक भद्रा रहेगा। भद्राकाल में पर्व मनाना शुभ नहीं है इसलिए यह समय निकल जाने के बाद ही पर्व मनाएं। ज्योतिषियों के अनुसार रक्षाबंधन के पर्व पर इसके पूर्व में भी कई बार भद्रा की स्थिति बनी है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तीन अगस्त को सुबह 7.15 बजे तक भद्राकाल की स्थिति बन रही है। इस काल में रक्षाबंधन का पर्व मनाना शुभ नहीं माना गया है। रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह 9 से 10.30 बजे तक शुभ, दोपहर 1.30 से 3 बजे तक चल की चौघड़िया, दोपहर 3 से 4.30 बजे तक लाभ की चौघड़िया, शाम 4.30 से 6 बजे तक अमृत की चौघड़िया, शाम 6 से 7.30 बजे चल की चौघड़िया का योग बन रहा है। इसके साथ ही इस बार पर्व पर कई शुभ संयोग भी बने हैं। सावन माह का आखिरी सोमवार, श्रावण पूर्णिमा, श्रावणी नक्षत्र और सर्वार्थसिद्धि का विशेष संयोग बन रहा है। यह दिन नामकरण, अन्न प्राशन, यात्रा, व्यापार, वाहन क्रय के लिए अच्छा है। ब्राह्मण वर्ग रक्षाबंधन के लिए श्रावणी उपकर्म जनेऊ बदलते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रक्षा बंधन के दिन बहनें, भाईयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र या राखी बांधती हैं। साथ ही वे भाईयों की दीर्घायु, समृद्धि व खुशी आदि की कामना करती हैं। वहीं, भाई अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। रक्षा बंधन का पर्व श्रावण मास में उस दिन मनाया जाता है जिस दिन पूर्णिमा अपरान्हृ काल में पड़ रही हो। ध्यान रखें कि यदि पूर्णिमा के दौरान अपरान्हृ काल में भद्रा हो तो रक्षाबंधन नहीं मनाना चाहिए। ऐसे में यदि पूर्णिमा अगले दिन के शुरुआती तीन मुहूर्त में हो, तो पर्व के सारे विधि-विधान अगले दिन करने चाहिए। लेकिन यदि पूर्णिमा अगले दिन के शुरुआती तीन मुहूर्तों में न हो तो रक्षाबंधन को पहले ही दिन भद्रा के बाद प्रदोष काल के उत्तरार्ध में मना सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार चाहे कोई भी स्थिति क्यों न हो भद्रा होने पर रक्षाबंधन मनाना निषेध है। ग्रहण सूतक या संक्रांति होने पर यह पर्व बिना किसी निषेध के मनाया जाता है।
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किसी स्कूल के परिसर से हाईटेंशन लाइन जा रही है तो कहीं एक ही भवन में सीबीएसई और एमपी बोर्ड के स्कूल एक साथ संचालित हो रहे हैं। इसी तरह की कई खामियों के कारण संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ने इंदौर जिले के 12 सीबीएसई स्कूलों की मान्यता निरस्त की है। वर्ष 2021-22 के लिए मान्यता व नवीन मान्यता के लिए संयुक्त संचालक के पास 24 स्कूलों के आवेदन पहुंचे थे। इसमें नवीन मान्यता के साथ नवीनीकरण के प्रकरण भी थे। इन आवेदनों के आधार पर संयुक्त संचालक ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की निरीक्षण टीम का गठन किया। इस निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही मान्यता निरस्त की गई। जिन स्कूलों की मान्यता निरस्त हुई है, वे आयुक्त लोक शिक्षण के समक्ष अपील कर सकते हैं।
सीबीएसई ने पिछले वर्ष से नवीन मान्यता और नवीनीकरण के लिए संयुक्त संचालक को स्कूलों को मान्यता हेतु निरीक्षण एवं परीक्षण) देने की जिम्मेदारी दी है। संयुक्त संचालक द्वारा आगामी शिक्षा सत्र 2021 – 2022 के लिए स्कूल परिसर में निर्धारित मापदंड पूरे होने पर मान्यता देने की अनुशंसा की जा रही है। संयुक्त संचालक मनीष वर्मा के मुताबिक जांच दलों के निरीक्षण में स्कूलों में कई खामियां पाई गईं। दलों ने लॉकडाउन के पहले मार्च में स्कूलों का निरीक्षण किया था, जबकि कुछ स्कूलों का निरीक्षण लॉकडाउन खुलने के बाद इसी माह किया गया।
शालाओं में जो खामियां मिलीं हैं उनमें कुछ स्कूलों की बाउंड्रीवॉल नहीं बनी हैं। एक भवन में स्कूल के साथ कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। कई स्कूल परिसर में खेल मैदान भी नहीं है। कई स्कूलों ने भूमि की लीज डीड भी रजिस्टर्ड नहीं कराई या उनकी लीजडीड की अवधि खत्म हो चुकी है।
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सिवनी जिले के लखनादौन थाना अंतर्गत वार्ड क्र 15 में 15 जून को दिल्ली से आई महिला का स्वास्थ्य परीक्षण लखनादौन सिविल अस्पताल में किया गया था। महिला को 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन के आदेश दिए गए थे। लेकिन आदेशों का उल्लंघन कर महिला धनौरा के सलेमा गांव के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुई। कोरोना पॉजीटिव महिला के संपर्क में आए चार व्यक्ति भी कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद महिला दिल्ली परिवार के साथ लौट गई है। इस मामले में महिला व परिवार के दो व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 188 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एसपी कुमार प्रतीक ने होम क्वारंटाइन अवधि का उल्लंघन करना कानूनन जुर्म है। ऐसा करने से संबंधित अपने परिजन व पड़ोसियों को भी खतरे में डाल रहे हैं। उल्लंघन करने वाले पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा। एसपी ने बाहर से आए सभी लोगों से 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन रहने की अपील की है।
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देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन मास सावन का आगमन 6 जुलाई से होगा। इस बार सावन मास का प्रारंभ और समापन दोनों ही सोमवार को होगा। वैसे तो सभी दिन भगवान के हैं, लेकिन बाबा अचलनाथ को सोमवार अति प्रिय है। इसलिए भक्त सोमवार को बाबा की आराधना और दर्शन का सोमवार को अधिक महत्व मानते हैं। इस बार सावन मास में ही 36 शुभ योग भी पड़ रहे हैं, जिससे सावन मास की शुभता और अधिक बढ़ जाएगी।
ज्योतिषयों के अनुसार इस बार सावन मास की शुरूआत उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं वैधृति योग में होगी। इसके साथ ही चंद्रमा मकर राशि में विचरण करेंगे। इस बार सावन में ग्रह योग और नक्षत्रों के आधार पर झमाझम बारिश के भी योग बन रहे हैं। इस बार सावन मास 6 जुलाई से प्रारंभ होकर 3 अगस्त तक रहेगा। सावन मास के अंतिम दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा।
इसके साथ ही श्रावण मास में 10 जुलाई को मोनी पंचमी, 14 जुलाई को मंगला गौरी व्रत, 16 जुलाई को एकादशी, 18 जुलाई को प्रदोष, 20 जुलाई को हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या, 23 जुलाई को हरियाली तीज के साथ ही 25 जुलाई को नागपंचमी और 3 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।
सावन मास में इस बार 11 सर्वार्थ सिद्धि, 10 सिद्धि योग, 12 अमृत योग और तीन अमृत सिद्धि योग रहेंगे।
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सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा में 200 करोड़ की लागत से बन रही 70 किलोमीटर लंबी सड़क ठेकेदार ने अधूरी छोड़ दी है। एमपीआरडीसी द्वारा बनाई जा रही यह सड़क गड्ढ़ों में गुम हो गई है। कान्हीवाड़ा से बरघाट रोड के बीच सड़ कहीं नजर ही नहीं आती। परेशान ग्रामीणों ने विधायक से लेकर अधिकारियों तक से गुहार लगाई, लेकिन हालत जस की तस बनी हुई है। इस सड़क का महत्व अधिक है, क्यंकि इसी पर जवाहर नवोदय विद्यालय, हाईस्कूल और बैंक भी हैं। एमपीआरडीसी की रोड होने के चलते ग्राम पंचायत भी इसकी मरम्मत नहीं करा सकती।
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