घुटनों पर बैठे शिवराज, हाथ जोड़कर जनता को किया प्रणाम

(ब्‍यूरो कार्यालय)

इंदौर (साई)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan ) ने सुवासरा, हाटपिपल्या और आगर-मालवा विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन व जनसभाएं की। हाटपिपल्या के लोहारपिपल्या में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के वचनों को बताते हुए कहा कि किसानों ने दो लाख रुपए के कर्ज माफी की घोषणा के चलते कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन कांग्रेस ने धोखा किया। न किसानों का कर्ज माफ किया न युवाओं को रोजगार मिला। पूर्व सीएम कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि तेजी प्यारी प्यारी सूरत को किसी की नजर न लगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर घुटनों पर बैठकर जनता को प्रणाम किया। यह फोटो काफी वायरल हो रहा है। इसके बाद वे सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि शिवराज कह रहे थे कि कमलनाथ सरकार ने किसानों से धोखा किया। उनका सिर्फ फसल ऋण ही माफ किया और वो भी दो लाख तक का ही कर्ज माफ किया। शिवराज जी, हमने तो खाली खजाने से 27 लाख किसानों का का कर्ज माफ किया है। आप तो सीएम हो, कर दो घोषणा कि सभी के कर्ज सारे खातों के, सभी तरह के जितनी भी राशि के होंगे, समय सीमा में सरकार माफ करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सीएम के बयानों को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा, शिवराज कहते हैं कि कमलनाथ सरकार ने किसानों से धोखा किया। उनका सिर्फ फसल कर्ज माफ किया। उनसे कहना चाहता हूं कि हमने खाली खजाने से 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। आपकी सरकार ने विधानसभा में स्वीकारा है। कमलनाथ ने कहा, शिवराज इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी शर्मा जाए। शिवराज कितना झूठ बोलते हैं, उसका नमूना आज उनकी सभाओं में देखने को मिला। किसानों से कह रहे थे कि मैंने 6 माह में आपके खाते में 26 हज़ार करोड की राशि डाल दी। कितना बड़ा सफेद झूठ है। उन्होंने बीमा कंपनी की राशि भी जोड़ दी, प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पैसे भी जोड़ दिए। फसल मुआवजे के 4 हजार करोड रुपए उन्होंने खुद ही जोड़ दिए, समर्थन मूल्य की खरीद के पैसे भी जोड़ दिए, ऐसे कई पैसे उन्होंने जोड दिये ?

शिवराज ने सुवासरा के कयामपुर के मंडल सम्मेलन में कहा कि आप सभी को प्रणाम। चौथी बार सीएम बना हूं तो मंदसौर-नीमच जिले के कारण। आज दिल कह रहा है कि यहां बैठकर, शीश झुकाकर जनता को प्रणाम कर धन्यवाद दूं। इसके बाद वे घुटनों पर बैठे और हाथ जोड़कर जनता को प्रणाम किया।