टूटे फर्नीचर का ढेर, सतपुड़ा की छत बनी कबाडख़ाना

(ब्‍यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। सतपुड़ा भवन की छत और पोर्च पर बड़ी मात्रा में कबाड़ एकत्रित हो गया है। यह कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। कर्मचारी नेता उमाशंकर तिवारी ने बताया कि सतपुड़ा भवन में नया फर्नीचर और सोलर पैनल लगने के बाद जो फर्नीचर निकला उसका पूरा कबाड़ छत और पोर्च पर रखा गया है। इससे बारिश का पानी टपकता रहा। पानी से बिल्डिंग कमजोर हो रही है।

खासतौर पर छठी मंजिल की हालत बहुत खराब हो गई है। इससे यहां बैठने वाले कर्मचारी परेशान हैं। तिवारी ने इसकी शिकायत राज्य मानवाधिकार आयोग से भी की थी। आयोग ने मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को शिकायत का समुचित निराकरण करने के लिए कहा है। लेकिन एक माह होने को आया अभी तक कबाड़ नहीं हटाया गया है।

अन्य कर्मचारियों का कहना है कि इस कबाड़े को नहीं हटाया गया, तो इमारत को नुकसान होगा, और आने वाले समय में कर्मचारियों को नुकसान हो सकता है। वैसे भी ये भवन वर्षों पुराना है, जिससे कई स्थानों पर दरारें आ जानेे से बारिश में पानी का रिसाव होने की शिकायत सामने आती है। कर्मचारियों की मांग है कि इस कबाडख़ाने को यहां से हटाया जाए, तथा छत की मजबूती के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य किया जाए।