जबलपुर में आधे दिन का बंद कराने में भी छूटा काँग्रेसियों को पसीना!

नमस्कार, आप सुन रहे हैं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रृंखला में सोमवार 22 फरवरी का प्रादेशिक आडियो बुलेटिन.
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इंदौर और भोपाल में कोरोना के लगातार बढ़ रहे नये मामलों को देखते हुए सभी के लिये मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 294 नये मामले सामने आये। इनमें से 61 प्रतिशत तो इंदौर और भोपाल में ही मिले हैं। इंदौर में सबसे ज्यादा 104 और भोपाल में 76 पॉजिटिव मिले हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को समीक्षा बैठक में कहा कि कोरोना के संबंध में लगातार सतर्कता आवश्यक है। इंदौर, भोपाल में मास्क अनिवार्य करने का निर्णय कोई नया निर्देश नहीं है।
पहले से ही मास्क अनिवार्य है लेकिन सरकार और अफसरों की लापरवाही के कारण इसे ढंग से लागू नहीं किया गया। अब मामले बढ़ने पर फिर से पुराने निर्देश याद आ गये हैं, जिन्हें सख्ती से लागू किया जायेगा।
मुख्य़मंत्री शिवराज सिंह ने कहा है, कि जरा सी लापरवाही विकराल रूप ले सकती है। महाराष्ट्र से लगे सभी जिलों में आने वाले व्यक्तियों की जांच की जायेगी। मंत्रालय में हुई बैठक में कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं कि वे अपने जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक करें।
जिला स्तर पर परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक सावधानी के संबंध में तत्काल निर्णय लें। इसके साथ ही शिवरात्रि पर्व पर होने वाले मेलों के संबंध में सतर्कता और जागरूकता आवश्यक है। विशेषकर महाराष्ट्र से लगे जिलों में आयोजित होने वाले मेलों में सहभागिता के संबंध में आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट अनिवार्य किया जाये। बैठक में इंदौर और भोपाल से राज्य के अन्य भागों में होने वाले आवागमन पर सतर्कता के संबंध में भी विचार किया गया। प्रदेश में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 02 लाख 59 हजार 427 हो गयी है। वहीं, संक्रमण से मरने वालों की संख्या 03 हजार 844 हो गयी है।
वहीं बात आर्थिक राजधानी इंदौर की करें तो यहाँ पर बीते 24 घंटों के दौरान 135 नये पॉजिटिव केस सामने आये हैं। इसके बाद शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 58 हजार 756 हो गयी है। जबकि, यहाँ संक्रमण का शिकार होकर अब तक 931 लोग जान गवां चुके हैं।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आरंभ हो गया है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ को राज्यपाल का अभिभाषण रास नहीं आया है। उन्होंने कहा है कि यह अभिभाषण मीडिया के लिये था।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और आम लोगों को बिजली देने के लिये प्रतिबद्ध है। इसे देखते हुए उत्पादन में वृद्धि की जा रही है। उपलब्ध क्षमता में 384 मेगावाट की बढ़ौत्तरी हुई है। साथ ही सौर उर्जा के उत्पादन में अभूतपूर्व कार्य किये गये हैं।
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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गिरीश गौतम मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर निर्विरोध चुन लिये गये हैं। सोमवार को सुबह 11 बजे विधानसभा का बजट सत्र आरंभ होते ही प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने चुनाव की प्रक्रिया आरंभ की। इससे पहले मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विधानसभा में डिप्टी स्पीकर का पद भी अपने पास रखेगी। दूसरी ओर, काँग्रेस नेताओं ने कहा है कि डिप्टी स्पीकर का पद मुख्य विपक्षी पार्टी को देने की स्थापित परंपरा है। वे भारतीय जनता पार्टी पर इसे तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके निवास जाकर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमल नाथ से स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि रविवार को इंदौर में एक लिफ्ट दुर्घटना में उन्हें मामूली चोट पहुँची है।
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सांसदों, विधायकों की पेंशन को लेकर हाई कोर्ट मार्च के पहले सप्ताह में बहस सुनेगी। सोमवार को बहस होना थी लेकिन याचिकाकर्त्ता ने कोर्ट को बताया कि वे याचिका में संधोशन करना चाहती हैं। कोर्ट ने आवेदन स्वीकारते हुए संशोधन की अनुमति दे दी।
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका एडवोकेट पूर्वा जैन ने दायर की है। वे स्वयं ही याचिकाकर्त्ता भी हैं। याचिका में कहा गया है कि सांसदों और विधायकों की पेंशन का भुगतान आम आदमी से वसूले गये टैक्स से होता है। देखने में आता है कि अलग-अलग समय में विधायक और सांसद रहा व्यक्ति अलग-अलग पेंशन पा रहा है। इस तरह से जनता के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है। याचिका में मांग की गयी है कि सिर्फ उन्हीं विधायक और सांसदों को पेंशन की पात्रता होना चाहिये जिन्होंने न्यूनतम पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया हो।
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पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की तरह दूसरी आवश्यक चीजों के आसमान छूते दामों को लेकर काँग्रेस जबलपुर शहर में भी सड़कों पर उतरी। आधे दिन का बंद कराने में भी पार्टी नेताओं को पसीना छूट गया। बंद कराने को लेकर कई स्थानों पर व्यापारियों व काँग्रेसियों के बीच झड़प भी हुई। सुबह से ही गल्ला मंडी, सब्जी मंडी, लटकारी का पड़ाव, फल मंडी, मुख्य बाजार बड़ा फुहारा सहित उपनगरीय क्षेत्र गढ़ा, रांझी, माढ़ोताल, आधारताल बाजार भी खुला रहा। कई स्थानों पर दुकानदारों ने प्रदर्शनकारियों के सामने कुछ देर के लिये शटर गिरा दिया। बाद में दुकानें खुल गयीं।
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रेवांचल एक्सप्रेस में दो युवक चोरी कर रहे थे। यात्रियों ने दोनों को पकड़ लिया और जमकर पीटा। आरोपियों को जी.आर.पी. के हवाले कर दिया गया है। घटना रीवा रेलवे स्टेशन की है।
रविवार की रात रीवा से हबीबगंज जाने वाली रेवांचल एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म क्रमांक एक पर खड़ी हुई थी। कुछ यात्री ट्रेन में अपना सामान रखकर नीचे उतर आये थे। कुछ देर बाद जब ट्रेन चलने लगी तो वो ट्रेन में चढ़ गये। इसी दौरान दो चोर ट्रेन में चढ़कर यात्रियों का सामान लेकर भागने की तैयारी करने लगे। यात्रियों की नजर उन पर पड़ गयी। दोनों को पकड़ लिया गया। चेन पुलिंग करके यात्रियों ने ट्रेन को रोका। दोनों आरोपियों को नीचे उताकर जमकर धुनाई की। शोर शराबा सुनकर जी.आर.पी. मौके पर पहुँच गयी।
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समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिये समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिये फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किये गये हैं, वे 95 से 99 प्रतिशत तक सही साबित हुए हैं।
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मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल और इंदौर सहित तीन स्थानों पर लिफ्ट गिरने के हादसे हुए। इंदौर में जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एक हादसे में बाल-बाल बचे, वहीं भोपाल में रविवार देर शाम लिफ्ट गिरने से 02 बच्चों सहित 07 लोग घायल हो गये। इनमें से 04 को गंभीर चोट आने के बाद भर्त्ती तक करना पड़ा।
मध्यप्रदेश में लिफ्ट गिरने के लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन किसी के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जा सकती, क्योंकि लिफ्ट व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिये एक्ट ही नहीं है।
मध्य प्रदेश में 79 वर्ष पुराने ब्रिटिशकालीन मुंबई लिफ्ट एक्ट 1939 का उपयोग किया जा रहा। इसी के तहत मध्यप्रदेश में वर्तमान में सतपुड़ा भवन मुख्य सतर्कता अधिकारी लिफ्ट लगने के बाद उसका लोड और अर्थिंग चैक करके अनुमति पत्र जारी कर देते हैं। हालांकि इस अनुमति पत्र का मतलब यह नहीं है कि लिफ्ट, सुरक्षा के सभी मापदंड पर लगायी गयी है। यह सिर्फ लिफ्ट के लिये लाइसेंस जारी करने तक सीमित है। इसमें एक्सलेटर का तो जिक्र ही नहीं किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लिफ्ट इलेक्ट्रो-मैकेनिकल डिवाइस है, इसलिये इसके इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल दोनों पार्ट की भी जांच होनी चाहिये। प्रदेश में लिफ्ट लगाने के लिये लाइसेंसिंग एथॉरिटी मध्य प्रदेश विद्युत निरीक्षणालय (चीफ इलेक्ट्रिक इंस्पेक्टर) है।
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आप सुन रहे थे शरद खरे से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज में मंगलवार 22 फरवरी का प्रादेशिक आडियो बुलेटिन। बुधवार 23 फरवरी को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें, सब्सक्राईब कैसे करना है यह प्रत्येक वीडियो के अंत में हम आपको बताते ही हैं। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, नमस्कार।
(साई फीचर्स)