आखिर क्यों बनाया है एक अदद चबूतरा!

मॉडल रोड को भूल गयी नगर पालिका . . . 06
(लिमटी खरे)
सिवनी (साई)। भारतीय जनता पार्टी शासित नगर पालिका परिषद में मनमाने काम चलते रहे और भाजपा संगठन तथा विपक्ष में बैठी कांग्रेस के द्वारा इसकी सुध नहीं लिया जाना अपने आप में आश्चर्य का ही विषय माना जा सकता है। सर्किट हाऊस के मुहाने पर मोगली की प्रतिमा के बाजू में एक अदद चबूतरा किस निमित्त बनाया गया, इस बारे में शायद ही कोई जानता हो।


ज्ञातव्य है कि सिवनी शहर में माडल रोड का निर्माण लंबे समय से जारी है। लगभग आठ सालों में भी इस छोटी सी सड़क को पूर्ण न किया जाना अपने आप में आश्चर्य का ही विषय माना जाएगा। जब प्रदेश में भाजपा सत्ता में रही तब कांग्रेस के द्वारा गाहे बेगाहे माडल रोड के संबंध में आवाज उठाई जाती रही, किन्तु जब प्रदेश में कांग्रेस सत्तारूढ़ हुई उस दौरान कांग्रेस के द्वारा माडल रोड की जांच कराना भी मुनासिब नहीं समझा।
इधर, शहर की इस माडल रोड को लोग बीरबल की खिचड़ी की संज्ञा भी देने लगे हैं, वह इसलिए क्योंकि चार चार जिलाधिकारी बदले जाने के बाद भी इस सड़क का काम न तो पूरा किया जा सका है, और न ही जिम्मेदार अफसरान को अकारण विलंब के लिए दण्दित ही किया गया है।


नगर पालिका सिवनी द्वारा मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास अंतर्गत नगर पालिका सीमा में मॉडल रोड का निर्माण कार्य ईश्वर नगर से एमएचकेएस पेट्रोल पंप के आगे तक महज साढे चार किलोमीटर सड़क का निर्माण 11.70 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसमें रोड वाईंडिंग, डिवाईडर आरसीसी, नाली, फुटपाथ रोड साईड गार्डन, पोल शिफ्टिंग आदि का कार्य शामिल हैं, इनमें से ज्यादातर कार्य अधूरे ही पड़े हुए हैं।
इसके अलावा जलावर्धन योजना भी आकण्ठ भ्रष्टाचार में डूबी बताई जाती है। जलावर्धन योजना के ठेकेदार की मनमानी का आलम यह रहा कि ठेकेदार के द्वारा निर्वतमान अध्यक्ष श्रीमति आरती शुक्ला के निवास के सामने ही नवीन जलावर्धन योजना की पाईप लाईन डालने से गुरेज किया गया। नगर पालिका के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस आधी अधूरी पाईप लाईन के बावजूद भी ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है।

लग सकती है स्थानीय नेता की प्रतिमा

यहां यह भी उल्लेखनीय होगा कि इस चबूतरे का निर्माण किसलिए कराया गया है, इस बारे में पूछने की जहमत अब तक सांसद विधायकों ने नहीं उठाई है। इतना ही नहीं इस चबूतरे को बनाए जाने के बाद इसका उपयोग भी अब तक नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि इस चबूतरे पर कांग्रेस अगर चाहती तो आयरल लेडी के नाम से विख्यात सुश्री विमला वर्मा या उनके बाद कद्दावर नेता रहे स्व. हरवंश सिंह की प्रतिमा की स्थापना कराई जा सकती थी। वहीं, भाजपा अगर चाहे तो इस स्थान पर पंडित स्व. महेश प्रसाद शुक्ला जैसे कद्दावर नेता की प्रतिमा की स्थापना करवा सकती है।