मतबल अब तक कोविड संभावित सभी कालकलवित मरीजों की रिपोर्ट थी नेगेटिव!

क्या कोविड संभावित काल कलवित मरीज की रिपोर्ट नहीं आती! हो आंकड़ों का आडिट!
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में कोरोना कोविड 19 के संक्रमण से मार्च 2020 से अब तक लगभग 14 माहों में कितने लोग काल कलवित हुए इस बारे में कुहासा अभी तक छट नहीं सका है। कोरोना कोविड 19 से मृत हुए लोगों का आंकड़ा लगभग दस माहों से अधिक समय तक 10 पर ही अटका हुआ है।
यहां यह उल्लेखनीय होगा कि रोजाना ही कोरोना कोविड 19 से निधन के समाचारों से सोशल मीडिया अटा पड़ा रहता आया है। लोगों के द्वारा पीपीई किट पहनकर पालीथिन में पैक की गए शवों के अंतिम संस्कार की बात सोशल मीडिया पर की जाती है पर स्वास्थ्य प्रशासन के कानों में जूं भी नहीं रेंग पा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि कोरोना कोविड 19 के मामले में प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं सवास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. मेश्राम सहित जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारियों और टीकाकरण अधिकारियों सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा अपना मौन अब तक नहीं तोड़ा जाना आश्चर्य का ही विषय माना जाएगा।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को यह कहकर संतुष्ट किया जा रहा है कि कोरोना संभावित मरीज (कोरोना सस्पेक्टेड पेशेंट) का अगर निधन होता है तो उनका अंतिम संस्कार कोविड के प्रोटोकॉल के हिसाब से किया जाता है, यही कारण है कि जिले भर में अनेक बार पालीथिन की पन्नी में लपटे शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते हुए लोगों के द्वारा न केवल देखा गया होगा वरन उनका अंतिम संस्कार भी पीपीई किट पहनकर किए जाने की बात लोगों के द्वारा कही जा रही होगी।
सूत्रों ने कहा कि अफसरान की इस बात से इत्तेफाक रखा जा सकता है कि कोरोना संभावित मरीजों का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से पीपीई किट पहनकर किया जाता है, पर क्या कोरोना संभावित मरीज की कोविड 19 के टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आती है! अगर आती है तो फिर सिवनी में एक साल की अवधि में महज 10 मौतें ही कोरोना कोविड 19 से कैसे मानी जा सकती हैं!
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि साल भर से सिवनी जिले में कोरोना कोविड 19 से होने वाली मौतों का आंकड़ा आखिर 10 के ऊपर क्यों और कैसे नहीं पहुंचा है। क्या अधिकारी यह मानकर चल रहे हैं कि सिवनी में कोरोना कोविड 19 के संभावित मरीजों की मौत के बाद उनकी रिपोर्ट आती ही नहीं है! या सिवनी जिले में अब तक जितने भी कोरोना कोविड 19 के संभावित मरीज काल कलवित हुए हैं, उन सभी की रिपोर्ट निगेटिव ही आई थी!
इसके अलावा नागपुर, जबलपुर, भोपाल, छिंदवाड़ा सहित अन्य मेडीकल कॉलेज में अगर सिवनी के निवासी कोरोना मरीजों ने दम तोड़ा है तो वह क्या उन जिलों की गिनती में शामिल होगा या सिवनी जिले की गिनती में! सूत्रों ने कहा कि सिवनी में साल भर से महज 10 मौतें किस आधार पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दर्शाई जा रही है, इसका आडिट किए जाने की जरूरत महसूस हो रही है।