27 दिन बाद एक दिन में गईं दो हजार से ज्यादा लोगों की जान!

मप्र में मौतों की संख्या का मिलान करने से बढ़ा आंकड़ा

(ब्‍यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में 118 दिन बाद संक्रमण के सबसे कम 31,443 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,09,05,819 हो गई।
देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी पड़ती जा रही है। तीसरी लहर की चेतावनी के बीच 27 दिन बाद कोरोना से एक दिन में 2020 मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 4,10,784 हो गई। इससे पहले दो हजार से ज्यादा मौतें 16 जून को सामने आई थीं, तब 2,329 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। दरअसल, मध्यप्रदेश में कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले लोगों के आंकड़ों का नए सिरे से मिलान करने के बाद दैनिक मृतक संख्या में यह उछाल दर्ज किया गया है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में 118 दिन बाद संक्रमण के सबसे कम 31,443 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,09,05,819 हो गई। 

कोरोना: 4.31 लाख से अधिक एक्टिव केस
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 4,31,315 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.40 प्रतिशत है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.28 प्रतिशत है।

आंकड़ों के अनुसार, अभी तक कुल 43,40,58,138 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 17,40,325 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। देश में नमूनों के संक्रमित आने की दैनिक दर घटकर 1.81 प्रतिशत हो गई है। यह पिछले 22 दिनों से लगातार तीन प्रतिशत से कम है। नमूनों के संक्रमित आने की साप्ताहिक दर 2.28 प्रतिशत है। अभी तक कुल 3,00,63,720 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। कोविड-19 से मृत्यु दर 1.32 प्रतिशत है।

38.14 करोड़ वैक्सीन दी गईं
देश में अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 38.14 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।

ऐसे चढ़ा कोरोना का ग्राफ
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्तूबर को 70 लाख, 29 अक्तूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख के पार हो गए। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।