2022 की होली तक तो सिवनी में रेल की सीटी नहीं ही सुनाई देगी! : रेल्वे इंजीनियर

बारिश के बाद नया लक्ष्य निर्धारित करेगा रेल्वे बोर्ड!, अगस्त का था लक्ष्य, अब लक्ष्य को बदलना ही होगा, बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले में काम पड़ा है ठप्प!
(लिमटी खरे)


सिवनी (साई)। चुने हुए सांसद, विधायक, सत्तारूढ़ दल अथवा विपक्ष के जिला इकाई के अध्यक्ष चाहे जो भी कहें, पर सच्चाई यह है कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में ब्राडगेज के इंजन की सीटी आने वाले साल में होली के पहले कतई सुनाई नहीं दे सकती है। उक्ताशय की बात रेल्वे विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही।


दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे मुख्यालय बिलासपुर के महाप्रबंधक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि रेल्वे की प्रथमिकता में बालाघाट संसदीय क्षेत्र का सिवनी जिले का हिस्सा ज्यादा नहीं है, यही कारण है कि सिवनी जिले में मण्डला संसदीय क्षेत्र के हिस्से में युद्ध स्तर पर काम कराया गया है पर बालाघाट संसदीय क्षेत्र के हिस्से में काम मंथर गति से हो रहा है।


सूत्रों ने आगे बताया कि रेल्वे के अधिकारियों को रेल्वे बोर्ड के द्वारा प्राथमिकताएं दी जाती हैं। रेल्वे बोर्ड के द्वारा जबलपुर, मण्डला, छिंदवाड़ा जिला प्राथमिकता में शामिल है पर बालाघाट संसदीय क्षेत्र के हिस्से में काम उसकी प्राथमिकता के बाहर है, वरना क्या कारण है कि मण्डला संसदीय क्षेत्र में सिवनी जिले में केवलारी से भोमा तक के काम को युद्ध स्तर पर कराया गया था। यहां तक कि रेल्वे के रिकार्ड में यह बात भी शायद दर्ज हो गई होगी कि कान्हीवाड़ा से भोमा के बीच रेल (पटरियों) को जोड़ने के लिए अब तक की सबसे ज्यादा वेल्डिंग मशीनों का प्रयोग किया गया था।


जून नहीं अगस्त था रेल्वे बोर्ड का लक्ष्य!

सूत्रों से जब यह पूछा गया कि बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन के द्वारा पत्रकारों की उपस्थिति में वर्ष 2020 में रेल्वे के अधिकारियों को नैनपुर से सिवनी के बीच के काम को पूरा करने के लिए जून 2021 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, के जवाब में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान सूत्रों ने कहा कि सांसद डॉ. बिसेन के द्वारा जून 2021 का लक्ष्य पता नहीं कैसे निर्धारित कर दिया गया था, जबकि रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को स्पष्ट रूप से बता दिया गया था कि रेल्वे बोर्ड के द्वारा लक्ष्य जून 2021 नहीं अगस्त 2021 तय किया गया था।


जल्दी काम कराना है तो बनाएं रेल्वे बोर्ड पर दबाव

दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे मुख्यालय बिलासपुर के महाप्रबंधक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले वाले हिस्से में अगर काम तेज गति से कराया जाना है तो इसके लिए रेल्वे बोर्ड पर दबाव बनाया जाना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए सिवनी जिले के मण्डला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते एवं बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को चाहिए कि वे रेल्वे बोर्ड पर दबाव बनाएं ताकि इस काम को तेज गति से कराए जाने के निर्देश रेल्वे बोर्ड से प्राप्त हो सकें।

मण्डला व छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में काम लगभग पूर्ण

सूत्रों ने कहा कि जिस तरह मण्डला संसदीय क्षेत्र के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र के घंसौर, नैनुपर, मण्डला, केवलारी कान्हीवाड़ा यहां तक कि भोमा तक एवं छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद नकुल नाथ के द्वारा छिंदवाड़ा से चौरई तक रेल की पातें बिछवाई जाकर सीआरएस कराया गया है उसी तरह बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में अब तक पटरी बिछ जाना चाहिए था।


टारगेज चेंज करना होगा : डिप्टी एसई

इधर, रेल्वे में पदस्थ सीनियर सेक्शन इंजीनियर दिनेश कुमार छावड़ा से जब समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा रेल्वे के काम की पूर्णता की संभावित तिथि के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में मीडिया से बात करने के लिए सक्षम नहीं है। नैनपुर में पदस्थ रेल्वे के डिप्टी एसई मनीष लावणकर ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि सिवनी में भोमा से चौरई तक के रेलखण्ड का काम पूरा करने के लिए अगस्त 2021 का लक्ष्य रखा गया था जिसे अब बदलना ही होगा। नया लक्ष्य क्या होगा इस बारे में रेल्वे बोर्ड से अभी निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।


बरसात के बाद ही काम आरंभ होगा : लावणकर

डिप्टी एसई मनीष लावणकर ने आगे कहा कि बारिश में रेल्वे का काम होना संभव नहीं है। इसलिए अब बारिश के बाद ही काम आरंभ कराया जा सकेगा। उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए कि भोमा से सिवनी के बीच का काम आने वाले कम से कम छः महीने में आरंभ हो पाएगा। इसके अलावा सिवनी से होकर रेल के गुजरने के संबंध में उन्होंने इशारों ही इशारो में कहा कि यह काम दूसरे प्रभाग के काम पूरा करने पर निर्भर करता है। रेल्वे का दूसरा प्रभाग जब काम पूरा करेगा तभी सिवनी से होकर रेल गुजर पाएगी।