कटंगी सिवनी को जोड़ दें तो हो जाए कमाल

दूरियां कम होने के बाद भी क्यों नहीं चल पा रहीं जबलपुर गोंदिया मार्ग पर रेलगाड़ियां!, आखिर सिवनी के विकास की चिंता क्यों नहीं कर रहे कर्णधार!
(लिमटी खरे)


सिवनी (साई)। बालाघाट जिले के कटंगी से अरी होते हुए अगर सिवनी को महज 50 किलोमीटर के रेलमार्ग से जोड़ दिया जाता है तो सिवनी के विकास के मार्ग द्रुत गति से प्रशस्त हो सकते हैं। इसका कारण यह है कि उसके जुड़ने के बाद जबलपुर से नागपुर की दूरी वर्तमान दूरी से लगभग आधी ही रह जाएगी। इन परिस्थितियों में सिवनी से होकर गुजरने वाली सवारी गाड़ियों की तादाद में जबर्दस्त इजाफा हो सकता है।


उक्ताशय की बात रेल्वे बोर्ड के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही। सूत्रों ने कहा कि बालाघाट, भण्डारा, नागपुर, जबलपुर, मण्डला के सांसद अगर रेल मंत्री से सीधे सीधे बात कर कटंगी से सिवनी के हिस्से को रेल मार्ग से जोड़ने की बात करते हैं तो उत्तर भारत से दक्षिण भारत के बीच की दूरी रेल मार्ग से बहुत कम हो जाएगी।

कम होगा नागपुर इटारसी के बीच यातायात का दबाव

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को यह भी बताया कि नागपुर से इटारसी के बीच सवारी और माल गाड़ियों का दबाव बहुत ही ज्यादा है। इस दबाव को नागपुर से छिंदवाड़ा, सिवनी, नैनपुर होकर जबलपुर के रेलखण्ड से कम किया जा सकता है पर चौरई से सिवनी होकर भोमा के बीच जिस तरह मंथर गति से काम चल रहा है उसे देखकर यह कहना मुश्किल है कि आने वाले एकाध साल यह पूरा हो पाए।


सूत्रों ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग के बतौर नागपुर से गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर होकर जबलपुर रेलगाड़ियों को चलाए जाने पर विचार किया जा रहा है। पर अगर वास्तव में यातायात के दबाव को कम ही करना है तो कटंगी से सिवनी को जोड़ना बहुत जरूरी है। उसके बाद नागपुर से तिरोड़ी, कटंगी, सिवनी, नैनपुर होकर जबलपुर रेलगाड़ियों का आवागमन आरंभ हो जाएगा, जो शार्टेस्ट रूट होगा। इसके अलावा महज 50 किलोमीटर रेल पटरी बिछाने में रेल मंत्रालय को ज्यादा मशक्कत भी नहीं करना पड़ेगा।

वर्तमान में यह है आंकड़ा

रेल्वे के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि वर्तमान में जबलपुर से इटारसी, बैतूल, नागपुर होकर वल्लारशाह की दूरी 752 किलोमीटर है जो जबलपुर से घंसौर, नैनपुर, बालाघाट गोंदिया होकर अगर जाया जाए तो 482 किलोमीटर हो जाती है अर्थात इसमें 270 किलोमीटर की बचत होती है। इसी तरह जबलपुर से पिपरिया, इटारसी, बैतूल होकर नागपुर की दूरी 543 किलोमीटर है, जो जबलपुर से घंसौर नैनपुर, बालाघाट, गोंदिया होकर जाया जाए तो 364 किलोमीटर हो जाती है अर्थात 175 किलोमीटर कम।


इतना ही नहीं जबलपुर से नागपुर की यही दूरी जो 543 किलोमीटर है उसे अगर जबलपुर से घंसौर, नैनपुर, बालाघाट, तिरोड़ी होकर ले जाया जाए तो यह दूरी 380 किलोमीटर बचती है अर्थात इसमें भी 163 किलोमीटर कम दूरी हो जाती है। जबलपुर से कटनी, शहडोल, बिलासपुर, रायपुर होकर दुर्ग की दूरी 555 किलोमीटर है जो जबलपुर से नैनपुर, गोंदिया होकर अगर जाया जाए तो 369 किलोमीटर अर्थात 186 किलोमीटर कम हो जाती है। इसी तरह जबलपुर से रायपुर की दूरी कटनी, शहडोल, बिलासपुर होकर 518 किलोमीटर होती है जो नैनपुर गोंदिया होकर 406 किलोमीटर अर्थात 112 किलोमीटर कम हो जाती है।