नैनपुर से मण्डला का काम कैसे हो गया पूरा!

सारी बहाने बाजी सिर्फ और सिर्फ बालाघाट जिल के सिवनी जिले के हिस्से के लिए ही क्यों! जिम्मेदार अधिकारियों को किया जाए निलंबित, कराई जाए निष्पक्ष जांच!
(अखिलेश दुबे)


सिवनी (साई)। सिवनी जिले में अमान परिवर्तन का काम छः सालों से जारी है। भोमा से सिवनी होकर चौरई तक के हिस्से (बालाघाट संसदीय क्षेत्र) में जिस तरह का काम हो रहा है उसे देखकर अभी एक साल और काम पूरा होने की उम्मीद कम ही दिख रही है।


उक्ताशय की बात दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे मुख्यालय बिलासपुर के महाप्रबंधक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन के साथ ही साथ लोगों को भी गुमराह किया जा रहा है।


सूत्रों का कहना है कि रेल्वे के अधिकारी दो सिरों जिसमें से एक सिरा नैनपुर और दूसरा सिरा छिंदवाड़ा बताकर काम पूरा करने की बात कह रहे हैं। जबकि रेल अधिकारियों का यह दावा हकीकत से कोसों दूर ही नजर आ रहा है। सूत्रों ने उदहारण देते हुए कहा कि सिवनी में फोरलेन के निर्माण में नरसिंहपुर सीमा से लखनादौन, लखनादौन से सिवनी और सिवनी से खवासा तीन हिस्सों में अलग अलग ठेकेदारों को काम दिया गया था। तीनों ठेकेदारों ने कमोबेश एक ही समय पर काम पूरा कर एनएचएआई को सौंप दिया था।


सूत्रों ने यह भी कहा कि नैनपुर से मण्डला का काम रिकार्ड समय में कैसे पूरा कर दिया गया। मण्डला संसदीय क्षेत्र के मण्डला जिले और सिवनी जिले के हिस्से में रेल के अधिकारियों को किसी तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई। कोरोना काल, लॉक डाऊन, ठेकेदार के द्वारा आत्म हत्या करना आदि बहाने रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा हर जगह प्रयोग किए जा रहे हैं। पर ये सारे बहाने मण्डला संसदीय क्षेत्र या मण्डला संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में कतई नहीं गढ़े गए, पर जैसे ही बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से की बारी आई तो सारे के सारे बहाने एक साथ गढ़ दिए गए!

कई जगह लिया था ठेकेदार ने काम, बहाना बना रहे अधिकारी

वहीं, रेल्वे के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिस ठेकेदार के द्वारा छिंदवाड़ा जिले के चौरई से सिवनी तक का काम लिया गया था उसके द्वारा आत्महत्या किए जाने से दुबारा निविदा बुलानी पड़ी जिससे काम पर असर हुआ है, की बात से जनता और जनप्रतिनिधियों को संतुष्ट किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि उसी ठेकेदार जिसके द्वारा आत्म हत्या की गई थी ने नैनपुर से केवलारी, मण्डला से चिरई डोंगरी, लामटा से समनापुर, चौरई से सिवनी आदि का काम लिया गया था। इसमें से चौरई से सिवनी को छोड़कर शेष हिस्सों में काम न केवल पूरा हो चुका है, वरन वहां रेल चलना भी आरंभ हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों के द्वारा जनप्रतिनिधियों को भरमाने (कारण चाहे जो भी हो) में कोई कसर नहीं रख छोड़ी जा रही है।


रेल अधिकारियों के खिलाफ की जाए निलंबन की अनुशंसा!

सूत्रों ने यह भी बताया कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में रेल अधिकारी और ठेकेदार के द्वारा काम नहीं करने के लिए सौ बहाने और नकारात्मक रवैया क्यों अपनाया जा रहा है यह मुख्यालय स्तर पर भी चर्चा का ही विषय बना हुआ है। सूत्रों ने कहा कि अधिकारियों के द्वारा बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में निर्माण की मंथर गति को लेकर जिस तरह की बहानेबाजी की जा रही है वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। इसके लिए क्षेत्रीय सांसद (बालाघाट सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन) को चाहिए कि वे निर्माण कार्य के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ ही विलंब की जांच के लिए रेलमंत्री से आग्रह जरूर करें ताकि वस्तुस्थिति जनता के समक्ष आ सके।

सिवनी में रेलवे के अमान परिवर्तन का काम दो सिरों से चल रहा है। एक सिरा नैनपुर है वहां से सिवनी की ओर तथा दूसरा सिरा छिंदवाड़ा है जहां से सिवनी की ओर काम कराया जा रहा है। ठेकेदार के द्वारा काम कुछ धीमि गति के किया जा रहा है इसलिए ठेकेदार को पत्र जारी किया गया है।
मनीष लावणकर,
डिप्टी एस.ई, रेल्वे,
नैनपुर
(क्रमशः जारी)