यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज सुको ने किडनैपिंग मामले की जांच सौंपी दिल्ली पुलिस को!

नमस्कार, ये समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया है। अब आप साई न्यूज की समाचार श्रंखला में सुनिये बुधवार 01 सितंबर का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन.
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नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन प्रोग्राम का ऐलान होने के बाद से काँग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इसे लेकर सरकार पर हमलावर हैं। बुधवार को भी राहुल गांधी ने इस स्कीम को लेकर सरकार पर अटैक किया। उन्होंने कहा कि इसके जरिये नरेंद्र मोदी के चार-पांच मित्रों का मोनेटाइजेशन हो रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, नरेन्द्र मोदी ने पहले कहा था कि मैं डीमोनेटाइजेशन कर रहा हूं और वित्त मंत्री कहती रहती हैं कि मैं मोनेटाइजेशन कर रही हूं। किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदार, सरकारी कर्मचारियों और ईमानदार उद्योगपतियों का डीमोनेटाइजेशन हो रहा है।
राहुल गांधी ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 2014 में जब यूपीए ने ऑफिस छोड़ा था तब सिलेंडर का दाम 410 रुपये था। आज सिलेंडर का दाम 885 रुपये है। सिलेंडर के दाम में 116 प्रतिशत की बढ़ौत्तरी हुई है। पेट्रोल की कीमत में 2014 से 42 प्रतिशत और डीजल की कीमत में 55 प्रतिशत की बढ़ौत्तरी हुई है।
राहुल गांधी ने कहा कि अंर्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के घटते दामों के बावजूद मोदी सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा रही है। उन्होंने कहा, हमारे समय में अर्तंराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम आज से 32 प्रतिशत ज्यादा था और गैस का दाम 26 प्रतिशत। अंर्तराष्ट्रीय बाजार में गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम गिर रहे हैं और हिंदुस्तान में बढ़ते जा रहे हैं। दूसरी तरफ हमारी संपत्तियों को बेचा जा रहा है।
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13 वर्ष की लड़की उत्तर प्रदेश से गायब हुई लेकिन दो महीने तक उत्तर प्रदेश पुलिस उसे तलाश नहीं कर पाई है। इस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने लड़की के किडनैपिंग मामले की छानबीन की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया है कि मामले से संबंधित रेकॉर्ड दिल्ली पुलिस के हवाले करे। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से कहा है कि लड़की की तलाश के लिए छानबीन सुनिश्चित हो और वे छानबीन पर नजर रखें।
सुप्रीम कोर्ट में लड़की की माँ की ओर से हेबियस कॉरपस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) रिट दाखिल की गई है। उनकी ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि लड़की दो महीने पहले गायब हुई थी। उन्हें संदेह है कि संदिग्ध आरोपी दिल्ली का है लेकिन, उत्तर प्रदेश पुलिस अभी तक लड़की की तलाश नहीं कर पाई है।
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खसरा-कण्ठमाला-रूबेला (एमएआर) और टेटनस-डिप्थीरिया-पर्टुसिस (टीडीएपी) के टीके कोविड-19 के विरूद्ध अधिक सुरक्षा और बीमारी की गंभीरता में कमी लाने से संबंधित हैं। यह जानकारी एक नए अध्ययन में सामने आयी है।
अमेरिका में ब्रिघम एंड वीमेंस हास्पिटल के शोधकर्ताओं के अनुसार टीकों का डिजायन मेमोरी टी और बी कोशिकाओं के निर्माण के जरिए मजबूत और लंबे समय तक बनी रहने वाली प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले एमएमआर टीके और प्रत्येक 10 वर्ष में दिए जाने वाले टीडीएपी टीके से उन बीमारियों के विरूद्ध सुरक्षा होती है जिनके नाम पर टीके हैं। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि इन टीकों से सार्स-सीओवी-2 में वायरल एंटीजन सहित अन्य रोग उत्पन्न करने वाले रोगाणुओं में उपस्थित एंटीजन नामक प्रोटीन पर प्रतिक्रया में सक्षम मेमोरी टी कोशिकाएं भी बन सकती हैं।
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तीसरी लहर के आने की आशंका के बीच कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। कर्नाटक में एक कॉलेज के 32 छात्र कोविड-19 पॉजिटिव मिले हैं। कर्नाटक के कोलार स्थित कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस एंड हॉस्पीटल के 32 छात्रों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यहां हड़कंप मच गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर के.सुधाकर ने बुधवार को बताया कि केजीएफ नर्सिंग कॉलेज के 32 छात्र कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ये सभी केरल से आए थे। उन्होंने कहा कि मैं कॉलेज का दौरा करूंगा और कॉलेज प्रबंधन के विरूद्ध एक्शन भी लिया जाएगा।
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समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किए गए हैं, वे 95 से 99 प्रतिशत तक सही साबित हुए हैं।
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54 वर्षों से दिलीप कुमार के साथ जीती रहीं सायरा बानो के लिए अब एक-एक सांस लेना दूभर हो रहा है। दिलीप कुमार को गुजरे लगभग दो महीने हो चुके हैं, लेकिन वे उनकी मौत के गम से नहीं उबर पा रही हैं। भारी सदमे का असर उनके स्वास्थ्य पर हुआ है। पिछले 03 दिनों से वे हिंदुजा अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती हैं।
सायरा बानो की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उनका रक्तचाप सामान्य नहीं हो रहा है। ऑक्सीजन का स्तर भी कम ही रहता है, जिसके कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। शायद, उन्हें और तीन-चार दिन अस्पताल में रहना पड़ेगा।
परिवार के करीबी लोग बताते हैं कि सायरा बानो दिलीप कुमार के गम में अपने आप में सिमट गई हैं। वे ना किसी से कुछ बोलती हैं, न किसी से मिलती हैं। सारी दुनिया को भुलाकर उन्होंने दिलीप कुमार की यादों को ही अपनी पूरी दुनिया बना लिया है।
दो महीने पहले 07 जुलाई को दिलीप कुमार की मौत ने उनके लाखों चाहने वालों को गम में डुबो दिया था, लेकिन उन सारे चाहने वालों के लिए दिलीप कुमार स्क्रीन पर दिखने वाले एक स्टार थे जिन्हें वे आज भी स्क्रीन पर देख सकते हैं। लेकिन, सायरा बानो के लिए तो दिलीप कुमार ही पूरी जिंदगी थे। 54 वर्ष से उन्होंने अपने आपको दिलीप कुमार की देखभाल में ही व्यस्त कर लिया था। उनके लिए इस सदमे से बाहर आकर खुद अपने लिए ही जीना दुश्वार है।
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महाराष्ट्र के पालघर में एक मछुआरे पर किस्मत कुछ इस कदर मेहरबान हुई कि वह एक झटके में करोड़पति बन गया। पालघर के चंद्रकांत तरे अपने 07 साथियों के साथ समुद्र में मछली पकड़ने गए थे। जब इन लोगों ने समुद्र में जाल डाला, तो सी गोल्ड कही जाने वाली दुर्लभ घोल मछलियां इसमें फंस गईं।
चंद्रकांत की किस्मत इतनी अच्छी थी कि उनके जाल में एक-दो नहीं पूरी 157 घोल मछलियां एक साथ फंस गईं। ये मछलियां 1.33 करोड़ रूपये में बिकीं। मछलियों का ऑक्शन पालघर के मुर्बे में हुआ। चंद्रकांत के बेटे सोमनाथ ने बताया कि उन्होंने प्रत्येक मछली को लगभग 85 हजार रुपये में बेचा।
सोमनाथ ने बताया कि वे 07 लोगों के साथ हारबा देवी नाम की नाव से समुद्र में 20 से 25 नॉटिकल माइल अंदर वाधवान की तरफ गए थे। इसी दौरान उनके पिता के द्वारा समुद्र में फैलाए गए जाल में 157 घोल मछलियां फंस गईं। इसके साथ ही नाव पर सवार लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी कमाई वाली ट्रिप बन गई थी।
सी गोल्ड का उपयोग दवाइयां और कॉस्मेटिक्स बनाने में होता है। थाईलैंड, इंडोनेशिया, जापान, सिंगापुर जैसे देशों में इसकी बहुत मांग है। सर्जरी के दौरान उपयोग में लाये जाने वाले धागे, जो अपने आप गल जाते हैं, वे भी इसी मछली से बनाए जाते हैं।
समुद्र में प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाने के कारण अब ये मछलियां किनारे पर नहीं मिलती हैं। इन मछलियों की तलाश में मछुआरों को समुद्र के बहुत अंदर तक जाना होता है। सोमनाथ के अनुसार, इन मछलियों को उत्तर प्रदेश और बिहार से आए व्यापारियों ने खरीदा है।
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आप सुन रहे थे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रंखला में शरद खरे से बुधवार 01 सितंबर का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन। बृहस्पतिवार 02 सितंबर को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, जय हिन्द।
(साई फीचर्स)