21 दिन बाद आरंभ हो सकती है अतिक्रमण हटाने और ऋण वसूली की कार्यवाही!

नमस्कार, ये समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया है। अब आप साई न्यूज की समाचार श्रंखला में सुनिये बृहस्पतिवार 02 सितंबर का प्रादेशिक ऑडियो बुलेटिन.
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रसोई गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों को लेकर मध्यप्रदेश में सियासत गर्मा गई है। सितंबर की शुरुआत में ही गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोत्तरी को लेकर काँग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते हुए जीडीपी का नया फुल फॉर्म बताया। कमलनाथ के बयान पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी पलटवार किया गया है।
गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला। कमलनाथ ने सवालिया लहजे में भारतीय जनता पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा कि क्या जीडीपी में इस बार रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने जीडीपी का नया मतलब बताते हुए जी का अर्थ गैस एक हजार पहुंचने को बेताब, डी का अर्थ डीजल 100 रूपये पार और पी का अर्थ पेट्रोल 100 रूपये के पार बताया। कमलनाथ ने पूछा कि क्या अबकी बार जीडीपी बढ़ाने वाली सरकार होगी
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कोरोना की दूसरी लहर के बाद जीडीपी में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं, सेंसक्स में भी उछाल जारी है। काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने जीडीपी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने अंदाज में राहुल गांधी को जीडीपी का मतलब समझाया है। साथ ही दिग्विजय सिंह को भी उन्होंने लपेटे में लिया है।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी के लिए जीडीपी का अर्थ, जी से (सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी), डी से उनके राजनीतिक गुरु दिग्विजय सिंह, पी से पी. चिदंबरम है। वे क्या जानें जीडीपी का अर्थ। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोरोना काल की चुनौतियों से जूझने के बाद जीडीपी की ग्रोथ रेट 20.1 प्रतिशत होना और सेंसेक्स का इतिहास बनना अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाता है।
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सरकारी भूखंड या सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण हो अथवा जर्जर भवन को गिराना, इन सारे मसलों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नया आदेश जारी किया है। कोर्ट के इस आदेश से अवैध कब्जा करने वालों में खलबली मच गई है।
कोरोना संक्रमण और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के मद्देनजर हाईकोर्ट ने 23 अप्रैल को आदेश जारी किया था कि 15 जून तक प्रशासन किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं कर सकेगा। मकान, दुकान नहीं खाली कराए जा सकेंगे। कोर्ट ने बैंकों तक को निर्देशित किया था कि वो ऋण की कसूली के लिए संपत्तियों को नीलाम नही करेंगे। कोर्ट ने पहले 15 जून को यह मियाद और एक माह के लिए बढ़ा दी फिर 15 जुलाई को पुनः अतिक्रमण विरोधी अभियान पर लगी रोक की अवधि 25 अगस्त तक बढ़ा दी। बुधवार को कोर्ट ने अतिक्रमण करने वालों को 21 दिन की मोहलत देते हुए कहा है कि निर्धारित अवधि पूरी होते ही पूर्व में दिया गया आदेश स्वतः निरस्त हो जाएगा। यानी 21 दिन बाद शासन-प्रशासन और बैंक अतिक्रमण हटाने और ऋण वसूली के लिए कार्रवाई करने को स्वतंत्र हो जाएंगे।
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प्रदेश में कोरोना का खतरा टला नहीं है बल्कि संक्रमण के नए मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं जिससे खौफ भी बढ़ रहा है। प्रदेश के सभी बड़े जिलों में कोरोना के मरीज मिले हैं। पिछले 24 घंटों में ही प्रदेश में कोरोना के 11 नए मामले सामने आए जिससे चिंता बढ़ गई है। इंदौर में तो इस अवधि में 04 नए पाजिटिव मरीज मिले हैं। इसके साथ ही बुधवार को संक्रमण की चपेट में कुछ छोटे जिले भी आ गए।
बुधवार को विदिशा की सिरोंज तहसील में एक शिक्षक पॉजिटिव पाया गया है। जिले में 23 दिन बाद नया संक्रमित मिला है। खास बात यह है कि यह संक्रमित शिक्षक हाल ही में केरल से लौटा है। इसके अलावा, भोपाल और सागर में 3-3 तथा जबलपुर में 02 संक्रमित मिले।
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एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और भारत सरकार के न्यूक्लियर पावर कार्पाेरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआईएल) के मध्य गत दिवस 93 मेगावाट बिजली क्रय करने के लिए एक पावर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) काकरापार में हस्ताक्षरित हुआ। मध्यप्रदेश को गुजरात स्थित काकरापार परमाणु विद्युत गृह से उत्पादित होने वाली बिजली में से 93 मेगावाट बिजली 15 वर्षों तक मिलेगी।
मध्यप्रदेश को प्राप्त होने वाली बिजली की वर्तमान दर 2.289 प्रति यूनिट है। पावर परचेस एग्रीमेंट पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी की ओर से मुख्य महाप्रबंधक प्रमोद चौधरी और काकरापार के स्टेशन डायरेक्टर ए. बी. देशमुख ने हस्ताक्षर किए।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि इस पावर परचेस एग्रीमेंट से मध्यप्रदेश को 15 वर्षों तक सस्ती दर पर 93 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रदूषण रहित उपलब्ध होने वाली बिजली से कॉर्बन उत्सर्जन कम करने में सहायता मिलेगी।
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समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किए गए हैं, वे 95 से 99 प्रतिशत तक सही साबित हुए हैं।
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देवास जिले के पुंजापुरा में बेटे की हरकतों से परेशान दंपत्ति ने बुधवार रात जहर खा लिया। उन्हें गंभीर हालत में इंदौर के निजि अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मृत्यु से पहले पिता ने देवास पुलिस को बयान दिया है कि वे बेटे की हरकतों से परेशान थे। वह गलत संगत में पड़ने के कारण आए दिन पैसों के लिए तंग किया करता था। वह घर और दुकान के साथ बैंक से भी रूपये निकाल लेता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
पुलिस के अनुसार पुंजापुरा-बागली के रहने वाले 47 वर्ष के ताराचंद पुत्र रामसिंह और पत्नी 40 वर्षीया ममता की मौत हुई है। उनका पुलिस चौकी के पास ही गैराज है। दंपत्ति के जहर खाने की सूचना उनके 20 वर्ष के बेटे गोपाल ने बुधवार रात सवा बजे डॉयल-100 को दी थी। उसने बताया था कि माता-पिता उसे जहर खाकर जान देने की धमकी दे रहे हैं। इस पर पुलिस उसे लेकर उसके घर पहुंची तो पिता ने दरवाजा खोला। पुलिस ने पूछा तो उसने सबकुछ ठीक बताया। हालांकि, इसी दौरान ममता को उल्टियां होने लगीं। इस पर जवान संजय उपाध्याय ने उनसे कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया है।
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सतना में पुलिस ने एक ट्रक से 11.70 क्विंटल गांजा जप्त किया है। इसकी कीमत 2.34 करोड़ रूपये आंकी गई है। आरोपियों ने मुरमुरे के बोरों में गांजा छुपा रखा था। यह खेप भुवनेश्वर से रीवा ले जाई जा रही थी। 03 तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों ने डिलीवरी देने के लिए 10 रूपये के नोट पर कोड बना रखा था। आरोपी फिल्मी स्टाइल में तस्करी करते थे। वे 10 रूपये के नोट के दो टुकड़े कर लेते थे। इसका एक टुकड़ा डिलीवरी लेने वाले, तो दूसरा टुकड़ा डिलीवरी देने वाले के पास रहता था। जब दोनों मिलते, तो नोट के दोनों हिस्सों पर लिखा 6 अंकों का यूनिक नंबर मिलाया जाता। नंबर मिलने पर ही डिलीवरी दी जाती थी। पुलिस ने फटा नोट भी जप्त किया है।
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कोरोना की दूसरी लहर में अनाथ हुए बच्चों को सहारा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कोविड जन कल्याण योजना लागू की है, लेकिन सिंगल-पेरेंट बच्चों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यानी जिन बच्चों के माता-पिता में से किसी एक की कोरोना से मौत हुई है, वे इस योजना से वंचित रहेंगे। प्रदेश में ऐसे 9 हजार बच्चे हैं, जिन्हें सरकार से हर माह 5 हजार रूपये की पेंशन नहीं मिलेगी। इसमें से अधिकतर बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पिता को खोया है। अब उनके घर कोई कमाने वाला नहीं है।
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर तैयार मुख्यमंत्री कोविड जन कल्याण योजना के ड्राफ्ट में कहा गया था कि जिन बच्चों के परिवार में कमाने वाले की कोरोना से मौत हुई है, वे योजना के पात्र होंगे। अब योजना के फाइनल ड्राफ्ट में बदलाव कर दिया गया है। इसके फॉर्म का बिंदु (नंबर 4.4) हटा दिया है। पहले इसमें सिंगल-पेरेंट बच्चों को लाभ के लिए पात्र बनाया गया था।
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आप सुन रहे थे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रंखला में शरद खरे से बृहस्पतिवार 02 सितंबर का प्रादेशिक ऑडियो बुलेटिन। शुक्रवार 03 सितंबर को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, जय हिन्द।
(साई फीचर्स)