सोशल मीडिया में आक्रामकता नजर नहीं आने पर बीजेपी ने हटाया आईटी सेल प्रभारी को!

नमस्कार, ये समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया है। अब आप साई न्यूज की समाचार श्रंखला में सुनिये शुक्रवार 03 सितंबर का प्रादेशिक ऑडियो बुलेटिन.
——–
ओबीसी आरक्षण पर चल रही राजनीतिक के बीच अब पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग बनाने को लेकर घमासान आरंभ हो गया है। शिवराज सरकार ने पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन को बना दिया, इसके बाद काँग्रेस ने कहा है कि शिवराज सरकार जनता को गुमराह कर रही है। इसके अध्यक्ष तो पहले से जे.पी. धनोपिया हैं, फिर शिवराज सरकार नया आयोग कैसे बना सकती है। हम कोर्ट में जाएंगे।
काँग्रेस प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने कहा कि काँग्रेस पार्टी को मध्य प्रदेश सरकार की अक्ल पर तरस आ रहा है। हमारे लीडर कमलनाथ ने अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान जे.पी. धनोपिया को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया था। दुर्भाग्यवश काँग्रेस की सरकार चली गई और शिवराज सिंह ने बदले की भावना से उन्हें अध्यक्ष मानने से इन्कार कर दिया।
——–
काँग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की नजर में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं काँग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजयसिंह की अहमियत बढ़ रही है। यही कारण है कि दिग्विजय को एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। काँग्रेस ने मोदी सरकार के विरूद्ध आंदोलन करने की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी खासतौर पर उन्हें सौंपी है। इसके लिए बाकायदा एक कमेटी बनाई गई है और दिग्विजय सिंह को इसका अध्यक्ष बनाया गया है।
——–
भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता को प्रदेश प्रभारी की नाराजगी भारी पड़ी है। इस कारण उन्हें पद से हटा दिया गया है। पार्टी ने अपने आईटी सेल प्रभारी को हटाया है। भारतीय जनता पार्टी ने आईटी सेल के प्रदेश प्रभारी शिवराज डाबी को हटाकर अब अमन शुक्ला को आईटी सेल का प्रदेश प्रभारी बनाया है। इसी के साथ अब आईटी सेल और सोशल मीडिया की अलग-अलग विंग बना दी गई है।
बताया जा रहा है कि डाबी की कार्यप्रणाली से पार्टी के प्रदेश प्रभारी पी.मुरलीधर राव बेहद नाराज थे। उनका मानाना था कि भारतीय जनता पार्टी सरकार और संगठन सोशल मीडिया पर ज्यादा प्रभावी नजर नहीं आ रहे। भारतीय जनता पार्टी सरकार और संगठन का पक्ष आक्रामकता के साथ प्रस्तुत नहीं किया जा रहा था।
——–
राज्य सरकार ने कोरोना के मद्देनजर प्रतिमा स्थापना, विसर्जन और ताजिए सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत किसी भी धार्मिक आयोजन या प्रतिमा स्थापना के लिए 30 बाई 45 का पंडाल रखना होगा। भीड़ होने की स्थिति में कोरोना प्रोटोकाल का पालन अनिवार्य होगा। जहां इस गाइडलाइन का पालन नहीं होगा, वहां आयोजनों की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे ही गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए अधिकतम 10 लोग जा सकेंगे। इसके लिए अनुमति भी लेना होगी।
——–
बैतूल के मुलताई थाना क्षेत्र के बरई गाँव में युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। युवक ने डायल 100 को सूचना दी कि गाँव में कुछ लोगों ने हिरण का शिकार कर उसकी दावत उड़ाई है। इससे गुस्साए आरोपियों ने युवक को आधी रात को चौराहे पर बेल्ट और डंडों से बेहरमी से पीटा जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के उपरांत, परिजनो को सौंप दिया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को भी पकड़ा है।
——–
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 11 सितंबर से भक्त भस्मारती में शामिल हो सकेंगे। श्रद्धालु 07 सितंबर से भस्मारती की बुकिंग करा सकेंगे। एप और वेबसाइट की लिंक के साथ ही साथ ऑफलाइन विंडो भी खोल दी जाएगी। ऑनलाइन बुकिंग के लिए 200 रुपये चुकाने होंगे। 17 मार्च 2020 से भस्मारती में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध था। डेढ़ महीने से कोरोना संक्रमण काबू में होने की स्थिति में शुक्रवार को महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने यह निर्णय लिया है।
——–
05 महीने से फरार बड़नगर काँग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के बेटे की मुसीबत और भी बढ़ सकती है। इंदौर पुलिस द्वारा बड़नगर जाकर दुष्कर्म में फरार आरोपी करण के जगह-जगह पोस्टर चिपकाए हैं और जनता से यह अपील भी की है कि आरोपी की जानकारी देने वाले को इनाम दिया जाएगा। जिला कोर्ट द्वारा आरोपी के कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं लेकिन करण अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। जिला कोर्ट द्वारा कुछ दिनों पहले यह भी आदेश निकाला गया था कि 28 सितंबर तक यदि आरोपी कोर्ट के समक्ष पेश नहीं होता है तो उसकी संपत्ति को कुर्क किया जाएगा।
——–
समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किए गए हैं, वे 95 से 99 प्रतिशत तक सही साबित हुए हैं।
——–
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा आयोजित कराई गई सिविल जज-2019 के दूसरे चरण की परीक्षा में 980 और आवेदकों को मौका दिया गया है। इससे पहले 251 अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया था। सिविल जज की परीक्षा में 04 गलत सवालों और दो डिलीट कर दिए गए प्रश्नों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान पल्लव मोंगिया बनाम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का रिफरेंस दिया गया था।
मध्य प्रदेश सिविल जज परीक्षा-2019 की परीक्षा 20 मार्च 2021 को हुई थी। परिणाम 24 मई को आया था। प्रारंभिक परीक्षा की अपलोड उत्तर कुंजी में 04 के उत्तर गलत थे, तो 02 सही जवाबों को डिलीट कर दिया गया था। 150 अंकों की इस परीक्षा में कट ऑफ मार्क्स के आधार पर मेरिट लिस्ट में 68 आवेदक नहीं आ सके। इस मामले को हाई कोर्ट में आवेदक अंकित ने 08 जून को याचिका के माध्यम से चुनौती दी।
——–
प्रदेश के जबलपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहित 7 लोगों के विरूद्ध मामले दर्ज किए हैं। कंपनी प्रमुख और अन्य पर आरोप है कि उन्होंने शहर के 38 निवेशकों से लगभग 38 लाख रुपये हड़प लिए हैं।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया जबलपुर के गोरखपुर और रांझी क्षेत्र और कटनी जिले के कुल 38 निवेशकों ने शिकायत की थी कि उनकी जमा की गई रकम का मैच्योरिटी टाइम समाप्त होने के बावजूद कंपनी पैसे वापस नहीं दे रही है। वे जब भी सहारा इंडिया की शाखाओं में जाते हैं, तो वहां कोई भी अधिकारी सही जवाब नहीं देता है। इस मामले को जांच में लिया गया था। भोपाल से एफआईआर की मंजूरी मिलने के बाद जबलपुर शाखा को विवेचना सौंपी गई है। दूसरे निवेशकों की शिकायत को भी इस मामले में शामिल करके जांच में लिया जाएगा।
——–
कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बड़ी ओमती रिपटा निवासी अब्दुल रज्जाक के काले कारनामे एक-एक कर सामने आ रहे हैं। आरोपी ने अपनी काली करतूत छुपाने पत्नी का नाम आगे कर दिए था। अधिकतर संपत्ति और कारोबार पत्नी सुबीना बेगम के नाम पर करता था। सीधी कलेक्टर रहे गढ़पाले और कटनी कलेक्टर रहे प्रकाश चंद जांगड़े के रहते कई शस्त्र लाइसेंस दोनों जिले से रज्जाक के परिजनों और खास गुर्गों के नाम जारी हुए थे। जैसे ही रज्जाक का प्रकरण तूल पकड़ा, कटनी शस्त्र शाखा से लाइसेंस संबंधी फाइल ही गुम हो गई।
अब्दुल रज्जाक और उसके बेटों सहित गुर्गों के काले कारनामों की जांच कर रही एसआईटी को कई चौंकाने वाली जानकारी मिल रही है। रज्जाक के घर से जप्त इटली मेड रायफल के लाइसेंस कटनी से जारी कराए गए थे। दो असलहे तो मुरैना व रीवा के रहने वाले दो गार्ड्स के नाम से जारी कराए गए थे, पर उनका उपयोग रज्जाक के लोग करते थे। पुलिस ने दोनों असलहे रज्जाक के घर से ही जप्त किए थे। एसआईटी को कटनी व सीधी से अब तक 20 लाइसेंस की जानकारी मिली है।
ये लाइसेंस सीधी कलेक्टर रहते गढ़पाले और कटनी कलेक्टर रहते प्रकाश चंद जांगड़े ने जारी किए थे। दोनों ही जिलों के अधिकारियों ने जबलपुर से एनओसी नहीं ली। कई के लाइसेंस अनूपपुर के लोगों के नाम पर भी जारी कराए गए हैं, लेकिन सभी का उपयोग रज्जाक और उसके खास गुर्गे करते थे। अब एसआईटी ने कटनी जिला शस्त्र शाखा से लाइसेंस संबंधी फाइल मांगी तो फाइल ही गुमा दी गई।
लाइसेंस कटनी स्थित जब्बार मार्बल के पते पर जारी कराए गए हैं। मूल निवासी के तौर पर चरित्र सत्यापन के लिए आवेदन ओमती थाने आया था। उसमें भी उसके अपराधों को छुपाकर उत्तम लिख दिया गया था।
——–
आप सुन रहे थे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रंखला में शरद खरे से शुक्रवार 03 सितंबर का प्रादेशिक ऑडियो बुलेटिन। रविवार 05 सितंबर को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, जय हिन्द।
(साई फीचर्स)