पिछड़ा वर्ग आयोेग के अध्यक्ष हैं धनोपिया, गौरी शंकर बिसेन की नियुक्ति अवैध!

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। ओबीसी आरक्षण पर चल रही राजनीतिक के बीच अब पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग बनाने को लेकर घमासान शुरू हो गया है। शिवराज सरकार ने पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन को बना दिया, इसके बाद कांग्रेस ने कहा है कि शिवराज सरकार जनता को गुमराह कर रही है। इसके अध्यक्ष तो पहले से जेपी धनोपिया हैं, फिर शिवराज सरकार कैसे नया आयोग कैसे बना सकती है। हम कोर्ट में जाएंगे।

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को मध्यप्रदेश सरकार की अक्ल पर तरस आ रहा है। हमारे लीडर कमलनाथजी ने अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान जेपी धनोपिया को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया था। दुर्भाग्यवश कांग्रेस की सरकार चली गई और शिवराज सिंह ने बदले की भावना से उन्हें अध्यक्ष मानने से इनकार कर दिया। इस निर्णय के खिलाफ हम हाईकोर्ट गए, जहां से स्टे मिल गया। लिहाजा, स्टे के अनुसार हमारे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया ने निर्णय का पालन किया। सरकार ने उस निर्णय की अवमानना की।

दरअसल, मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग पहले से काम कर रहा है, जिसके अध्यक्ष कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया हैं, जबकि शिवराज सरकार ने पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग बनाने की घोषणा की है, जिसका अध्यक्ष बालाघाट से भाजपा के विधायक एवं पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन को बनाया है। इस प्रकार मध्यप्रदेश में अब दो आयोग काम करेंगे। दोनों ही दल पिछड़ा वर्ग को 14 से 27 फीसदी आरक्षण की बात कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता जेपी धनोतिया ने कहा है कि मप्र सरकार की ओर से मुझे मार्च 2020 में मप्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। कमलनाथजी ने मुझे कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था। बाद में बीजेपी सरकार ने इस आदेश को निरस्त करने का प्रयास किया। हमने उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। कोर्ट ने इस स्टेट को मेंटेन किया गया। आज भी मैं विधिवत रूप से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष हूं। यह आयोग संवैधानिक संस्था है, एक्ट के द्वारा बनाई गई संस्था है, विधानसभा में विधेयक पारित हुआ है, केंद्र सरकार ने संवैधानिक मंत्री का दर्जा दिया गया है।

धनोपिया ने कहा कि जो गौरीशंकर बिसेन की नियुक्ति लोगों को गुमराह करने के लिए नियुक्ति की गई है। वह पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग, आयोग बनाने की बात हुई है। शिवराज सिंह ने यह 15 अगस्त को ही घोषणा की गई थी। यह विधिक आयोग नहीं है, नियमानुसार नहीं है। एक संस्था बनाई गई है। संस्था का उद्देश्य है कि बीजेपी की ओर से उनके नेता को उपकृत करना, गौरीशंकर बिसेन को मंत्री के रूप में उपकृत करना। और ओबीसी वर्ग को गुमराह करके उनकी जानकारी एकत्र करना, कहां क्या समस्या है, जिसे सरकार निराकरण करेगी। यह भ्रांतिवश गलत कहा जा रहा है कि गौरीशंकर बिसेन मप्र राज्य पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष बनाए गए हैं। यह गलत है। वो सिर्फ एक सामान्य संस्था की तरह जैसे जांच आयोग, घटना आयोग के लिए बनाए जाते हैं, वैसा बनाया गया है और उसी तरह यह पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष बनाए गए हैं, जो संवैधानिक संस्था नहीं है।